नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा टीम इंडिया की नैय्या के सबसे बड़े खेवैया बनकर उभरे. एडिलेड ओवल की घास से सजी पिच पर जहां एक छोर से भारतीय बल्लेबाजों के आने और जाने का सिलसिला जारी था वहीं दूसरे छोर पर खड़े पुजारा धीरे-धीरे एक एतिहासिक पारी की कहानी लिख रहे थे.

‘दीवार’ बने पुजारा

ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टीम इंडिया के लिए स्ट्रेटजी तो अच्छी बनाई थी, जिस पर उन्होंने अमल भी किया और सफल भी रहे. एक वक्त वो सिर्फ 56 रन पर भारत के 4 विकेट गिरा चुके थे और भारतीय पारी को जल्दी से जल्दी समेटने की ताक में भी थे. लेकिन, कंगारुओं की इस हसरत और टीम इंडिया के बीच दीवार बनकर खड़े हो गए चेतेश्वर पुजारा.

ऑस्ट्रेलिया से अकेले लिया लोहा

पुजारा ने टिम पेन की सेना से उसी के गढ़ में अकेले लोहा लिया और ऑस्ट्रेलियाई धरती पर अपने पहले टेस्ट शतक को अंजाम दिया.

एडिलेड टेस्ट की पहली पारी में पुजारा ने 246 गेंदों का सामना करते हुए 123 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 2 छक्के शामिल रहे . ये ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पुजारा का तीसरा टेस्ट शतक भी है जबकि उनके करियर का 16वां टेस्ट शतक है.

पुजारा की इस शतकीय इनिंग की बड़ी बात ये रही कि वो अपने साथी बल्लेबाजों की तरह किसी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज का शिकार नहीं बने बल्कि रन आउट हुए, वो भी तब जब वो अकेले लड़ते लड़ते थक चुके थे.

एक शतक, 4 रिकॉर्ड

एडिलेड में खेली पुजारा की 123 रन की पारी कई ऐतिहासिक रिकॉर्डों का गवाह भी बनी. उन्होंने राहुल द्रविड़ के रिकॉर्ड की बराबरी भी. द्रविड़ की तरह पुजारा ने भी अपने 5000 टेस्ट रन 108वीं इनिंग में पूरे किए. नंबर 3 पर खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक जमाने वाले वो 5वें भारतीय बल्लेबाज हैं. उनसे पहले लाला अमरनाथ, मोहिंदर अमरनाथ, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण भी ऐसा कर चुके हैं. पुजारा  एशिया के बाहर खेले टेस्ट मैच के पहले ही दिन शतक बनाने वाले छठे भारतीय बल्लेबाज है. लेकिन, पुजारा पहले टेस्ट मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया में शतक जमाने वाले पहले बल्लेबाज हैं.  एडिलेड में शानदार शतकीय पारी के दौरान पुजारा ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपने 14000 रनों का आंकड़ा भी छुआ. दिसंबर 2005 में पुजारा के डेब्यू के बाद से इतने रन कोई भी भारतीय बल्लेबाज नहीं बना सका है.

पुजारा- द गेमचेंजर

पुजारा के शतक की बदौलत टीम इंडिया ने पहले दिन 9 विकेट खोकर 250 रन का आंकड़ा पार कर लिया है. जिस तरह से पुजारा ने लड़खड़ाती भारतीय पारी को संभाला और संवारा है उस लिहाज से ये एडिलेड टेस्ट में गेम चेंजर इनिंग भी साबित हो सकती है.