वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारतीय टीम की मिली हार को करीब एक सप्ताह हो गया है. लेकिन इस हार के कारणों पर चर्चा अभी भी नहीं थम रही है. मैच के बाद कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) का वह बयान कि कई बल्लेबाजों का सकारात्मक इरादा नहीं दिखा, जो टीम की हार की वजह बना.Also Read - सीरीज जीतने वाले खिलाड़ियों को लाखों रुपए देती है BCCI लेकिन 1983 विश्व कप जीतने वाली टीम की इतनी थी फीस

जानकार इसे चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) की बैटिंग से जोड़कर देख रहे हैं. इस मैच में पुजारा का प्रदर्शन फीका ही रहा था और वह दोनों पारियों (8 और 15) में कुल 23 रन ही बना पाए. लेकिन पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने पुजारा का बचाव किया है. Also Read - WATCH: जो रूट की नकल करने में फेल हुए विराट कोहली, माइकल वॉन ने उड़ाया मजाक

पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा कि पुजारा की बल्लेबाजी को इस हार के लिए दोष देना ठीक नहीं है. आप उदाहरण के लिए न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों केन विलियमसन (Kane Williamson) और डेवन कॉन्वे (Devon Conway) या रॉस टेलर (Ross Taylor) की बल्लेबाजी को भी देख सकते हैं. इस मैच में जैसी परिस्थितियां थीं उनमें धैर्य के साथ खेलकर ही अपनी पारी को आगे बढ़ाना मुमकिन था. पुजारा भले इसमें सफल नहीं हुए लेकिन उनकी अप्रोच बिल्कुल सही थी. Also Read - IND vs ENG- आखिरी टेस्ट से पहले भारत को ढूंढने होंगे इन 5 सवालों के जवाब

गावस्कर यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स तक पर यह चर्चा कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘हमें न्यूजीलैंड की बैटिंग भी याद रखनी चाहिए. उन्होंने किस प्रकार की बल्लेबाजी की. वहां परिस्थितियां बल्लेबाजी के अनुकूल नहीं थीं और गेंदबाजों को मदद मिल रही थी. जिस तरह डेवन कॉन्वे और विलियमसन ने बल्लेबाजी की उनकी जितनी तारीफ की जाए वह कम है.’

71 वर्षीय गावस्कर ने आगे कहा, ‘दूसरी पारी में रॉस टेलर ने भी धीमी शुरुआत की, वह भी हमें याद रखना चाहिए. इन सभी ने पुजारा की तरह धीमी शुरुआत की, लेकिन अगर आप पुजारा पर उंगली उठाना चाहते हैं तो हम कुछ नहीं कह सकते.’