नई दिल्ली : भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में 2-1 से जीत हासिल की. सीरीज का आखिरी मुकाबला सिडनी में खेला गया, जो कि बारिश की वजह से ड्रॉ हो गया. भारत के दिग्गज खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा को ‘मैन ऑफ द मैच’ और ‘मैन ऑफ द सीरीज’ चुना गया. उन्होंने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन करते हुए 3 शतकों की मदद से 521 रन बनाए. वो सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी हैं. पुजारा ने सिडनी टेस्ट के बाद सोमवार को यह खास उपलब्धि हासिल करने पर प्रतिक्रिया दी.

पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में पहला शतक एडिलेड में लगाया था. इस टेस्ट को भारत ने जीत लिया था. उन्होंने शतक का जिक्र करते हुए कहा, ”पहला शतक मेरे लिए काफी खास था. इसकी मदद से हमने एडिलेड में जीत हासिल कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई. जब आप इस तरह का प्रदर्शन करते हैं तो सीरीज जीतने की संभावना बढ़ जाती है. बतौर बल्लेबाज आपको पेस और बाउंस का इस्तेमाल करना चाहिए. दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के साथ काउंटी क्रिकेट में खेलने से मेरी तकनीक में सुधार हुआ है.”

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गौरतलब है कि पुजारा ने एडिलेड टेस्ट की पहली पारी में 246 गेंदों का सामना करते हुए 123 रन बनाए थे. जब कि दूसरी पारी में 71 रन का अहम योगदान दिया. उनके लिए पर्थ टेस्ट कुछ खास नहीं रहा. लेकिन मेलबर्न में एक फिर से पुजारा ने अपनी फॉर्म दिखाई. उन्होंने यहां पहली पारी में 319 गेंदों का सामना करते हुए 106 रन बनाए. जब कि सिडनी में दोहरा शतक लगाने से चूक गए. उन्होंने सिडनी में 373 गेंदों का सामना करते हुए 193 रन बनाए.

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बता दें कि पुजारा भारत के पांचवें ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया में ‘मैन ऑफ द सीरीज’ का अवॉर्ड जीता. पुजारा से पहले सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, कपिल देव और श्रीकांत भी यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं. पुजारा के लिए यह काफी खास मौका है.

अहम बात यह भी है कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज जीती है. उसने इससे पहले कभी भी सीरीज नहीं जीती. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने इस सीरीज के पहले मुकाबले में 31 रन से जीत हासिल की. जब कि उसे दूसरे मैच में 146 रन से हार का सामना करना पड़ा. वहीं तीसरा मैच भारत ने 137 रन से जीता. आखिरी मुकाबला सिडनी में खेला गया, जो कि ड्रॉ रहा.