न्‍यूजीलैंड दौरे के बाद रणजी ट्रॉफी फाइनल मुकाबले में भी चेतेश्‍वर पुजार की जरूरत से धीमी पारियों के चलते आलोचना हुई. पुजारा इन सभी चीजों पर ज्‍यादा ध्‍यान नहीं देते. उन्‍होंने साफ किया कि वो वीरेंद्र सहवाग और डेविड वार्नर नहीं बन सकते हैं. Also Read - COVID-19: आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद ने 10 करोड़ रुपये दिए दान, कमेंट करने से खुद को नहीं रोक पाए वॉर्नर

हाल ही में रणजी ट्रॉफी फाइनल में चेतेश्‍वर पुजारा ने बुखार के बावजूद 237 गेंदों पर 66 रन की धीमी पारी खेली. इस पारी की मदद से ही उन्‍होंने अपनी होम टीम सौराष्‍ट्र को पहली इस टूर्नामेंट का चैंपियन बनाया. Also Read - कोरोनावायरस की भेंट चढ़ा चेतेश्वर पुजारा का Gloucestershire काउंटी चैंपियनशिप करार

अब तक 77 टेस्ट मैचों में 48.66 की औसत से रन बनाने वाले पुजारा ने न्‍यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जब स्ट्राइक रेट की बात आती है तो लोग टीम प्रबंधन की राय की बात करने लगते हैं लेकिन मुझ पर इसका किसी तरह का दबाव नहीं होता है. टीम प्रबंधन मेरे खेल की शैली और उसके महत्व को समझता है.’’ Also Read - डेविड वार्नर ने की रवींद्र जडेजा की तलवारबाजी की नकल, भारतीय गेंदबाज ने दिया ऐसा जवाब

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उन्होंने कहा, ‘‘सोशल मीडिया पर (रणजी फाइनल के दौरान) सवाल किया गया कि वो इतने कम रन बनाने के लिये इतना ज्‍यादा समय क्यों ले रहे हैं. मेरा काम यह सुनिश्चित करना है कि टीम को जीत मिले. मैं समझता हूं कि मैं डेविड वार्नर या वीरेंद्र सहवाग नहीं बन सकता लेकिन अगर कोई सामान्य बल्लेबाज क्रीज पर समय ले रहा है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है.’’

न्यूजीलैंड में सभी भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा. पुजारा ने ‘‘लोग मुझसे बड़ी पारी की उम्मीद करते हैं. मैं हमेशा खुद के सामने शतक जड़ने की चुनौती रखा हूं लेकिन टेस्ट में 50 के करीब की औसत का मतलब है कि आपने लगभग हर दूसरी पारी में 50 के आसपास रन बनाये.’’

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न्यूजीलैंड में हार पर सोचने के बजाय पुजारा ऑस्ट्रेलियाई चुनौती पर ध्यान दे रहे हैं. ‘‘यह हमारे लिये सबसे महत्वपूर्ण सीरीज में से एक है. स्‍टीव स्मिथ और डेविड वार्नर अहम खिलाड़ी है लेकिन अगर हम वैसा ही खेलते हैं जैसा पिछली सीरीज में खेले थे तो फिर हम उन्हें हरा सकते हैं.’’