भारतीय टेस्‍ट टीम (Indian Test Team) में नंबर-3 के मजबूत स्‍तंभ चेतेश्‍वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) का कहना है कि मैच के दौरान स्‍लेजिंग से उन्‍हें खास फर्क नहीं पड़ता है. Also Read - नहीं होगा टी20 विश्व कप; इंग्लैंड दौरे की तैयारी में जुटी ऑस्ट्रेलिया टीम

सोनी टेन पिटस्‍पॉट से बातचीत के दौरान पुजारा ने कहा, “जब आप पारी की शुरुआत करते हो तो स्‍लेजिंग का सामना करते ही हो. एक बार जब आप सेट हो जाते हो तो वो आपको परेशान करना बंद कर देंगे और आउट करने पर ही फोकस करेंगे. जब विरोधी टीम आपको आउट करने में भी विसफल रहती है तो फिर तंग आकर वो उग्र शब्‍दों का इस्‍तेमाल करने लगती है. यह केवल बल्‍लेबाज की एकाग्रता को भंग करने के लिए किया जाता है.” Also Read - आज के दिन रोहित शर्मा बने थे विश्व कप में पांच शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज

चेतेश्‍वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) ने बताया कि ऐसे वक्‍त में वो आमतौर पर विरोधी टीम के उकसाने के बावजूद जवाब नहीं देते. “मैं शांत रहते हुए खुद को खेल पर केंद्रित रखने का प्रयास करता हूं क्‍योंकि मुझे पता है कि मेरी जॉब क्‍या है. जैसा की मैंने आपको बताया कि स्‍लेजिंग आपकी एकाग्रता भंग करने के लिए एक जाल की तरह है. मैं सोचता हूं कि मुझे उन्‍हें जवाब देना चाहिए। मैं शायद उनके जाल में फंस जाऊं. लिहाजा में अपने जोन में रहते हुए ही बल्‍लेबाजी करता हूं.” Also Read - आईपीएल में रिकॉर्ड करार के बावजूद जिंदगी नहीं बदली : पैट कमिंस

चेतेश्‍वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) ने बताया कि मौका मिलने पर अच्‍छे बैकफुट पंज और कवर ड्राइव के माध्‍यम से मैं अपने जोन में रहता हूं. “जब गेंद बल्‍ले के बीच में लगती है तो उससे मुझे काफी आत्‍मविश्‍वास मिलता है.”