सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त की गई प्रशासकों की समिति के चेयरमैन विनोद राय (Vinod Rai) ने खुलासा किया है कि उनके पैनल ने टीम इंडिया के प्रमुख कोच क पद के लिए पूर्व दिग्गज राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) को अप्रोच किया था लेकिन उन्होंने निजी कारण से इस पद पर काम करने से इंकार कर दिया।Also Read - Krunal Pandya के संपर्क में आए सभी 8 खिलाड़ी पाए गए Covid-19 Negative, बुधवार को दूसरा टी20 होना तय

साल 2017 में पूर्व स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले के मुख्य कोच पद से इस्तीफा देने के बाद नया कोच बनने के लिए सीओए के पहली द्रविड़ थे लेकिन उन्होंने परिवार को प्राथमिकता देने के लिए इस पद में दिलचस्पी नहीं दिखाई। दरअसल द्रविड़ उस समय अंडर-19 टीम और इंडिया ए टीम के कोच पद पर काम कर रहे थे। Also Read - India vs Sri Lanka: श्रीलंका के खिलाफ पहले टी20 में डेब्यू कर सकते हैं वरुण चक्रवर्ती, देवदत्त पडिक्कल और रुतुराज गायकवाड़

स्पोर्ट्सकीड़ा वेबसाइट से बातचीत में राय ने कहा, “राहुल हमारे साथ बहुत स्पष्ट थे। उन्होंने कहा ‘देखिए मेरे दोनों बेटे बड़े हो रहे हैं और टीम इंडिया के साथ दुनिया भर के दौरे करता रहा हूं और मैं उन्हें जरूरी समय नहीं दे पा रहा हूं, मुझे लगता है कि मुझे घर पर रहना चाहिए और अपने परिवार को समय देना चाहिए’।” Also Read - India vs England: इंग्लैंड दौरे पर चोटिल हुए खिलाड़ियों के बैकअप भेजेगी BCCI

राय ने द्रविड़ की इच्छा का सम्मान किया। उन्होंने कहा, “मुझे लगा है कि ये सही मांग थी। चूंकि वो हमारी पसंद थे इसलिए हमने उनके बारे में सोचा। देखिए कोचिंग के मामले में द्रविड़, शास्त्री और कुंबले सर्वश्रेष्ठ हैं।”

उन्होंने कहा, “हमने निश्चित तौर पर राहुल से बात की। वो अंडर-19 टीम के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने टीम को तैयार करने का रोडमैप बना लिया था। वो शानदर नतीजे दिला रहे थे। वो इसे जारी रखना चाहते थे क्योंकि उन्हें लगा कि इस टीम के साथ उनका काम बाकी है और वो उसे पूरा करना चाहते थे।”

कुंबले के इस्तीफा देने के बाद रवि शास्त्री को टीम इंडिया का नया कोच बनाया गया और वो अब भी राष्ट्रीय टीम के साथ अपना कॉन्ट्रेक्ट बरकरार रखे हुए हैं। वहीं द्रविड़ फिलहाल नेशनल क्रिकेट अकादमी के डॉयरेक्टर पद पर काम कर रहे हैं।