मुंबई: भारतीय पुरुष टीम को विश्व कप दिलाने वाले पूर्व कोच गैरी कर्स्टन और पूर्व सलामी बल्लेबाज डब्ल्यूवी रमन का गुरुवार को इंटरव्‍यू के बाद महिला टीम के कोच के पद के लिये चयन किया गया। लेकिन इसके थोड़ी देर बाद ही बीसीसीआई ने चयन प्रक्रिया पर ही सवाल उठा दिए. बीसीसीआई के कोषाध्‍यक्ष अनरिुद्ध चौधरी ने कहा है महिला टीम के कोच के चयन के लिए प्रशासकों की समिति (COA) से अनुमति नहीं ली गई है.

बोर्ड ने कहा है कि उसके द्वारा खर्च किए जाने वाले पैसों की एक प्रक्रिया होती है. इसके लिए अनुमति जरूरी होती है, लेकिन कोच के चयन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई. इसके लिए जो पैसा खर्च किया गया है, वह भी अवैध है. चौधरी ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया ही अवैध और अप्रासंगिक है.

कोच के चयन के लिए बीसीसीआई की तदर्थ समिति में पूर्व कप्तान कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और एस रंगास्वामी शामिल थे, जिन्होंने बोर्ड से इन चुने हुए नामों की सिफारिश की. हालांकि कर्स्टन की नियुक्ति में अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि दक्षिण अफ्रीकी कोच इंडियन प्रीमियर लीग फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के साथ अपना पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं. सूत्रों के अनुसार उन्हें ऐसा करने के लिए मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

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इस पद के लिये 28 आवेदन मिले थे जिसमें से चुने गए उम्मीदवारों को इंटरव्‍यू के लिये बुलाया गया. इनमें वेंकटेश प्रसाद, मनोज प्रभाकर, ट्रेंट जानस्टन, दिमित्री मास्करेन्हास, ब्रैड हॉग और कल्पना वेंकटाचार शामिल थे. सूत्रों के अनुसार इनमें से तीन समिति के सामने पेश हुए जबकि कर्स्टन सहित पांच आवेदकों से स्काइप और एक से फोन पर इंटरव्यू लिया गया.

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कर्स्टन जब कोच थे, तभी भारतीय पुरूष टीम ने 2011 विश्व कप जीता था. वह 2008 से 2011 तक तीन वर्षों के लिये भारतीय टीम के मुख्य कोच रहे थे. इसके बाद उन्होंने 2011 से 2013 तक दक्षिण अफ्रीका को कोचिंग दी. वह इस समय इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के मुख्य कोच हैं.