कोरोनावायरस के कारण लंबे समय तक गोल्फ कोर्स से दूर रहे भारतीय गोल्फ खिलाड़ियों ने देश के विभिन्न हिस्सों में गोल्फ कोर्स में अभ्यास करना शुरू कर दिया है. कोविड-19 महामारी के कारण कई हफ्तों तक खेल गतिविधियां बंद थीं. गोल्फर हालांकि अपने कैडी के बिना ही कोर्स पर उतरे. Also Read - Coronavirus: धार्मिक स्‍थलों के लिए SOP जारी, घंटी, मूर्ति छूना है प्रतिबंधित, पढ़ें नियम

दिल्ली गोल्फ क्लब में शिव कपूर अपने दोस्त गौरव घई के साथ थे. दोनों 20 साल से ज्यादा समय से मित्र हैं और दिल्ली गोल्फ क्लब में ट्रॉफी जीत चुके हैं. दोनों ने इसी कोर्स पर गोल्फ का ककहरा सीखा है. Also Read - विशेषज्ञों का दावा, एचसीक्यू का दोबारा क्लिनिकल ट्रायल शुरू होना सही दिशा में उठाया गया कदम

दोनों ने मास्क पहने हुए थे. इस दौरान कोई भी पीठ नहीं थपथपा रहा था, हाथ नहीं मिला रहा था, बस एक-दूसरे के अच्छे शॉट की तारीफ के लिए ‘हवा में एक एक हाथ से ताली’ (फाइव्स) की जा रही थी. कोई स्नैक या कॉफी या नींबू पानी नहीं लिया गया. अभ्यास के बाद बस ‘गुडबाय’ हुआ. Also Read - Coronavirus: केंद्र सरकार ने शॉपिंग मॉल के लिए जारी की नई गाइडलाइंस, जानें नियम

जीव मिल्खा सिंह अपने दोस्तों के साथ पहुंचे

वहीं चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में भारत के सबसे मशहूर खिलाड़ी 90 साल के मिल्खा सिंह अभी कोर्स पर नहीं पहुंचे, लेकिन उनका बेटा जीव मिल्खा सिंह अपने दोस्तों के साथ वहां मौजूद था.

सीनियर मिल्खा अपनी उम्र की वजह से कोर्स नहीं पहुंचे लेकिन जूनियर मिल्खा पीजीटीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पूर्व पेशेवर खिलाड़ी गुरबाज मान, पूर्व पेशेवर और कोच अजीतेश संधू के साथ थे. जीव के स्विंग कोच अमरितिंदर सिंह भी उनके साथ थे. इस दौरान सामाजिक दूरी का ध्यान रखा गया और उन्होंने मास्क पहने हुए थे.

‘लंबे समय बाद गोल्फ खेलना राहत भरा रहा’

जीव ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो इतने लंबे समय बाद गोल्फ खेलना काफी राहतभरा था. दो महीने से ज्यादा समय बाद मैंने बॉल हिट की. हम गोल्फ कोर्स पर आकर खुश थे.’

उन्होंने कहा, ‘हम जानते थे कि हमारा तापमान जांचा जाएगा, सैनीटाइजर इस्तेमाल करना होगा, एक कार्ट में एक व्यक्ति होगा, कार्ट को सैनीटाइज किया जाएगा, हाथ नहीं मिलाने होंगे, दूर से ही हाई-फाइव्स करना होगा और सामाजिक दूरी बरकरार रखनी होगी.’

जीव ने कहा, ‘हम गोल्फर काफी अनुशासित होते हैं इसलिए ऐसे समय में नए नियमों का सम्मान करना इसका इस अनुशासन का हिस्सा है. मुझे हालांकि अपने पिता की कमी महसूस हुई, जो यहां नियमित रहते हैं. लेकिन वह 90 साल के हैं तो उन्हें अनुमति नहीं है.’

वहीं शुभंकर शर्मा साथी पेशेवर गोल्फर करणदीप कोच्चर और रोहन कठूरिया के साथ कोर्स पर मौजूद थे.