ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कोरोनावायरस महामारी के जोखिम को कम करने के लिए गेंद को चमकाने के लिए लार का इस्तेमाल करने पर रोक लगाई जा सकती है. खासकर टेस्ट मैचों में लाल गेंद की चमक को बरकरार रखने और रिवर्स स्विंग के लिए गेंदबाज उसपर थूक का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कोविड-19 के बाद क्या खिलाड़ी इस तरह के प्रयोग जारी रख सकते हैं इसको लेकर सबके मन में बड़ा सवाल है. Also Read - दिल्ली में कोरोना का नया रिकॉर्ड, 1 दिन में 1163 नए मामले सामने आए

‘वैक्स एप्लिकेटर’ तैयार करेगा कूकाबुरा Also Read - जानवरों से इंसानों में कैसे पहुंचा कोरोना वायरस, आखिरकार रिसर्च में हुआ खुलासा

ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट गेंद निर्माता कंपनी कूकाबुरा लार और पसीने के विकल्प के तौर पर जल्द ही ‘वैक्स एप्लिकेटर’ तैयार करेगा जो कोविड-19 के बाद के क्रिकेट जगत में गेंदबाजों को गेंद चमकाने में मदद करेगा. Also Read - वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, बताया आखिर किस तरह से जानवर से मनुष्य में पहुंचता है कोरोना वायरस

अनुमति देने पर हो रहा विचार

रिपोर्टों के अनुसार इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) गेंद को चमकाने के लिए अंपायरों की निगरानी में कृत्रिम चीजों का उपयोग करने की अनुमति देने पर विचार कर रही है.

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एक महीने में होगा तैयार

इस स्थिति में कूकाबुरा ने ‘वैक्स एप्लिकेटर’ तैयार करने की शुरुआत कर दी है जो कि एक महीने के अंदर तैयार हो जाएगा. कूकाबुरा समूह के प्रबंध निदेशक ब्रेट इलियट ने पीए समाचार एजेंसी से कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में कूकाबुरा का शोध एवं विकास केंद्र गेंद को चमकाने के पारंपरिक तरीके के विकल्प को तैयार करने पर काम कर रहा है. हमने क्रिकेट गेंद को चमकाने के लिये खास तरह का वैक्स फॉर्मूला तैयार किया है.’

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उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ी या अंपायर गेंद को चमकाने के लिए इस स्पंजनुमा वस्तु को उस पर लगाएंगे जिसके बाद गेंदबाज अपनी गेंद को पोशाक पर रगड़कर पारंपरिक तरीके से उसे चमका सकता है.’

गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के चलते क्रिकेट की सारी गतिविधियां ठप्प हैं. कोरोना के कहर के प्रकोप को देखते हुए टोक्यो ओलंपिक को भी एक साल के लिए टाल दिया गया है जबकि आईपीएल के 13वें एडिशन को अनिश्चितकाल तक के लिए रद्द कर दिया गया है.