कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण पूरी दुनिया में दो लाख से ज्यादा और देश में 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोनावायरस संक्रमण से विश्व में लगभग 30 लाख लोग संक्रमित हैं जबकि भारत में ये आंकड़ा 27 हजार के करीब पहुंच गया है. इस महामारी से निपटने के लिए लगे देशव्यापी लॉकडाउन से इस साल के राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों को चुनने की प्रक्रिया में भी देरी हो गई है और खेल मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि अगले महीने आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे. Also Read - पेसर मोहम्मद शमी बोले-हम अब भी सोचते हैं कि माही भाई आएंगे और...

मंत्रालय आमतौर पर अप्रैल में पुरस्कारों के लिए नामांकन मांगता है जबकि इन्हें प्रदान करने का समारोह 29 अगस्त को महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर होता है. Also Read - प्रवासी मजदूरों को खाना-पानी बांटने में जुटे भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी

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लेकिन इस साल महामारी के चलते यह प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है. खेल मंत्रालय के अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते देरी लाजमी ही थी.

अधिकारी ने कहा, ‘मंत्रालय ने अभी तक राष्ट्रीय खेल पुरस्कार आवेदनों के लिए सर्कुलर जारी नहीं किया है. आम तौर पर यह प्रक्रिया अप्रैल के महीने तक पूरी हो जानी चाहिए लेकिन इस साल हालात ही इस तरह के हैं. लेकिन उम्मीद है कि सर्कुलर मई में जारी किया जएगा.’

अधिकारी ने कहा, ‘पिछले एक महीने से देश में सरकारी और राष्ट्रीय खेल महासंघ के कार्यालय घर से ही काम कर रहे हैं इसलिए देरी तो होनी ही थी.’

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राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों में राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद पुरस्कार शामिल हैं जिन्हें हर साल राष्ट्रपति भवन में देश के राष्ट्रपति द्वारा दिया जाता है. कोविड-19 महामारी के चलते देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सभी खेल गतिविधियां रूक गई हैं.