भारतीय टेस्‍ट टीम (Indian Test Team) के सलामी बल्‍लेबाज मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) का मानना है कि कोरोनावायरस के चलते पैदा हुई लॉकडाउन (Lockdown) की स्थिति ने उन्‍हें जीवन में एक नया पाठ पढ़ाया है. वो पाठ यह है कि हमेशा आपकी दिलचस्‍पी केवल कुछ क्षेत्रों में ही नहीं होनी चाहिए. समय व्‍यतीत करने के लिए विभिन्‍न क्षेत्रों में दिलचस्‍पी बनाए रखनी चाहिए. Also Read - Uttar Pradesh Coronavirus Update: कोरोना के 6 हजार से अधिक मामले, ये जिला सबसे अधिक प्रभावित, देखें जिलेवार लिस्ट

टाइम्‍स ऑफ इंडिया अखबार से बातचीत के दौरान मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) ने कहा, “लॉकडाउन लगाया गया तो मुझे लगा कि यह कहीं से भी मेरे लिए अच्‍छा नहीं होने वाला है. अचानक मुझे समय व्‍यतीत करने के लिए ऐसी चीजों की जरूरत पड़ी जो खेलों से हटकर है. साथ ही घर में रहते हुए मुझे ऐसी चीजों की जरूरत है जिससे मैं खुद को अपग्रेड भी रख सकूं.” Also Read - Coronavirus Vaccine Update: देश में बन रहे हैं कोविड-19 के 14 संभावित टीके, जल्द ही पहुंचेगे क्लीनिकल परीक्षण में

मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) मौजूदा समय में किताब पढ़ने के साथ-साथ घर के काम करने और योग आदि कर खुद को व्‍यस्‍त रख रहे हैं. Also Read - गेंद पर थूक लगाने पर बैन बॉलर्स के लिए करारा झटका होगा, ICC गेंदबाजों के अनुकूल पिचें बनवाए'

“इस घटना के बाद अब मैं अपने जीवन में जो कुछ भी पा सका हूं उसके प्रति काफी अच्‍छा महसूस कर रहा हूं. मैं दिन में जो तीन वक्‍त का खाना खा पा रहा हूं उसके लिए खुद को भाग्‍यशाली समझता हूं. एक खिलाड़ी होने के नाते हम शुक्रगुजार हैं कि हम बाहर जाकर खेल पाते हैं. इस दौर में मुझे जीवन में जो भी मिला है मैं उसके प्रति आभार व्‍यक्‍त करता हूं.”

मयंक अग्रवाल ने कहा, “बचपन से ही मैंने भारतीय टीम में खेलने का सपना देखा था. इसके लिए फिट रहना मेरे लिए शारीरिक गतिविधि से ज्‍यादा मानसिक स्थिति पर निर्भर करता है. एक खिलाड़ी के तौर पर मैं जानता हूं कि अक्‍सर शरीर से पहले हमारा दिमाग किसी चीज को बार-बार करने से थकने लगता है. ऐसे में फिट रहने की मानसिकता आपको आगे बढ़ने में मदद करती है.”