नई दिल्ली: पूरा देश इस वक़्त कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष के गठन की घोषणा की जहां लोग कोरोना वायरस के खिलाफ सरकार की लड़ाई में मदद एवं योगदान दे सकते हैं. इस घोषणा के बाद कई बड़ी हस्तियों ने मदद के हाथ भी बढ़ाए. Also Read - बिहार: AIIMS- पटना में कोरोना संक्रमण के चलते 2 डॉक्‍टरों ने तोड़ा दम

इसी सिलसिले में खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने देश को कोरोनावायरस प्रकोप के खिलाफ लड़ने के लिए एक करोड़ रुपये का दान दिया है. वायरस के प्रकोप से बचाव के लिए विभिन्न खेलों से जुड़ी हस्तियों ने भी दान किया है. रिजिजू ने ट्विटर पर लिखा, “मैं अब राशि जमा कर रहा हूं. माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने यह आह्वान किया है कि इस महामारी को देखते हुए भाजपा के सभी सांसद अपनी सांसद निधि से 1,00,00,000 (एक करोड़) की निधि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में देंगे.” Also Read - Bengluru Lockdown: आज से लागू होगा टोटल लॉकडाउन, जानें क्या खुलेगा और क्या नहीं?

महामारी से लड़ने के लिए सभी क्षेत्रों के लोगों ने आगे आकर धनराशि दान की है. भारतीय क्रिकेटर व आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलने वाले बल्लेबाज सुरेश रैना ने भी शनिवार को कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में 52 लाख रुपये का सहयोग किया. वह पीएम-केयर फंड में 31 लाख रुपये देंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के सीएम आपदा राहत कोष को 21 लाख रुपये सौंपेंगे. Also Read - Lockdown In Haryana Latest News Update: हरियाणा के इन जिलों में लग सकता है लॉकडाउन

उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने फॉलोअर्स को एक संदेश में अपील की कि वह घर पर ही रहें और इस महामारी से लड़ने के लिए अपना सहयोग दें. इससे पहले पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने जागरूकता वीडियो साझा करने के साथ ही महामारी से लड़ने में मदद करने के लिए 50 लाख रुपये दान करने का फैसला किया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनावायरस महामारी से निपटने के लिए मंगलवार को देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी. उन्होंने कहा कि यह कोरोनावायरस से निर्णायक रूप से लड़ने के लिए एक आवश्यक कदम है. उन्होंने कहा कि जीवन को बचाना ही अब प्राथमिकता है, इसलिए अपने घरों में ही रहें.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नागरिक आने वाले 21 दिनों तक पूर्ण लॉकडाउन का पालन नहीं करते हैं, तो राष्ट्र 21 साल पीछे चला जाएगा और कई परिवार तबाह हो जाएंगे.