नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने शहर की एक रेस्ट्रो बार श्रृंखला और उसके मालिक से भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर की उस याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें उन्होंने टैगलाइन में उनके नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है. इससे पहले एकल न्यायाधीश की पीठ ने गंभीर की याचिका खारिज कर दी थी. Also Read - राहुल द्रविड़ को उनकी कप्तानी के लिए कभी श्रेय नहीं मिला, भारतीय क्रिकेट में उनका प्रभाव सबसे ज्यादा: गंभीर

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यह मामला न्यायमूर्ति जी एस सिसतानी और संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ के समक्ष आया जिन्होंने डीएपी एंड कंपनी को नोटिस जारी किया. इसके पश्चिम दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में घुंघरू और हवालात नामक दो पब हैं. दोनों पब के मालिक का नाम भी गौतम गंभीर है. Also Read - इस मामले में क्रिस गेल, एबी डीविलियर्स और हिटमैन रोहित शर्मा से आगे हैं विराट कोहली

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इससे पहले एकल पीठ ने यह कहकर पिछले साल 13 दिसंबर को गंभीर की याचिका खारिज कर दी थी कि ऐसा कुछ भी साबित नहीं हुआ है कि वादी (गंभीर) को प्रतिवादी (पब के मालिक) द्वारा उनके नाम के इस्तेमाल से क्रिकेट के क्षेत्र में कोई नुकसान हुआ है. क्रिकेटर गंभीर ने सीनियर एडवोकेट राजीव नायर के मार्फत दलील दी थी कि गौतम गंभीर नाम से क्रिकेटर का ही ख्याल आता है.

उन्होंने कहा कि क्रिकेटर को नवंबर 2016 में पता चला कि पब मालिक बाय गौतम गंभीर टैग लाइन से रेस्त्रां चला रहे थे जबकि उनका इससे कोई सरोकार नहीं है.