कोलकाताः टीम इंडिया के अहम खिलाड़ी और वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले गेंदबाज मोहम्मद शमी को बड़ी राहत मिली है. पश्चिम बंगाल की एक जिला अदालत ने घरेलू हिंसा के कथित मामले में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी है. शमी की पत्नी हसीन जहां ने उनपर घरेलू हिंसा का मुकदमा किया हुआ है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश राय चटोपाध्याय ने दो सितंबर को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत से शमी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी.

शमी ने एसीजेएम के फैसले को जिला एवं सत्र अदालत में चुनौती दी थी. पश्चिम बंगाल की अलीपुर कोर्ट ने मोहम्मद शमी को गिरफ्तार करने का वारंट जारी किया था. शमी के साथ ही उनके भाई हासिद अहमद के खिलाफ भी वारंट जारी हुआ था.

बता दें कि मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है. दरअसल, 2018 के शुरुआती महीनों में विवाद के बाद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां अलग-अलग हो गए थे. हसीन जहां ने शमी पर घरेलू हिंसा करने और अन्य महिलाओं के साथ संबंध रखने का भी आरोप लगाया था. इसे लेकर शमी कई बार मुश्किलों में फंस चुके हैं. मार्च 2018 में शमी की पत्नी ने उनके खिलाफ कोलकाता के लाल बाजार पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया था. ये केस मोहम्मद शमी पर खुद को धोखा देने और अपने खिलाफ हिंसा और मैच फिक्सिंग जैसे संगीन आरोपों के तहत दर्ज किया गया है. शमी पर 307, 376 जैसी धाराओं में केस दर्ज कराए थे.

हसीन जहां ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि शमी ने दुबई में पाकिस्‍तान की अलिस्‍बा नाम की एक लड़की से पैसा लिया था. इसमें ‘मोहम्‍मद भाई’ नाम का एक शख्स भी शामिल है. ये शख्स इंग्‍लैंड में रहता है. हसीन जहां ने शमी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि शमी जब अपनी पत्नी को धोखा दे सकते हैं तो वह देश को भी धोखा दे सकते हैं. हालांकि बीसीसीआई ने इन आरोपों की जांच की थी, जिसमें शमी को मैच फिक्सिंग जैसे आरोप को सही नहीं पाया था. कुछ समय पहले मोहम्मद शमी को अमेरिका ने घरेलू हिंसा को लेकर वीजा देने से मना कर दिया था. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा हस्तक्षेप के बाद उन्हें वीजा मिल गया था. वर्ल्ड कप 2019 में शमी को टीम इंडिया में जगह मिली और उन्होंने एक हैट्रिक सहित शानदार प्रदर्शन किया था.

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