कोविड-19 वैश्विक महामारी ने इस समय पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रखा है. कोरोनावायरस के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों के वेतन में कटौती के संकेत दिए हैं. इस महामारी के कारण विश्व में अब तक 95,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 10 लाख से अधिक लोग इस वायरस की गिरफ्त में हैं. भारत में भी इसके चपेट में आकर मरने वालों की संख्या 200 के करीब पहुंच गई है वहीं संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 6 हजार को पार कर गया है. Also Read - 32 साल के लिए हुए भारतीय उप कप्तान अंजिक्य रहाणे; फैंस समेत साथी खिलाड़ियों ने दी बधाई

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों की तिमाही बकाया राशि का भुगतान कर दिया है. बोर्ड का कहना है कि कोविड-19 के कारण बनी अनिश्चितता के बावजूद वह किसी को परेशान नहीं होने देगा. Also Read - राजस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमितों का आंकड़ा 10128, अब तक मृतक संख्‍या 219

24 मार्च को लॉकडाउन घोषित किया गया 

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘लॉकडाउन 24 मार्च को घोषित किया गया और इसके बावजूद बीसीसीआई किसी भी तरह की स्थिति के लिए तैयार था. बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों की केंद्रीय अनुबंध भुगतान की तिमाही किश्त चुका दी है. इसके अलावा इस दौरान भारत या भारत ए की तरफ से खेलने वाले सभी खिलाड़ियों का मैच शुल्क ये सभी बकाए वित्तीय वर्ष के आखिर तक चुका दिये गये हैं.’

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी वेतन में कटौती को तैयार 

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि वे वेतन में कटौती के लिए तैयार हैं. बीसीसीआई अधिकारी ने कहा कि जब अन्य बोर्ड इस मुश्किल घड़ी में अपने घरेलू खिलाड़ियों को भुगतान करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं तब भारतीय बोर्ड की मजबूत वित्तीय स्थिति से मदद मिल रही है.

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उन्होंने कहा, ‘एक क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों को सरकारी अवकाश (सरकारी सहायत कार्यक्रम) पर रख दिया है. हर जगह वेतन में कटौती की बात चल रही है. लेकिन मुझे विश्वास है कि बीसीसीआई हमेशा की तरह अपने खिलाड़ियों की अच्छी तरह से देखभाल करने में सक्षम है. हमारे अंतरराष्ट्रीय या घरेलू क्रिकेटरों को परेशानी नहीं होगी.’

‘साल के अंत तक आईपीएल का होना जरूरी’

अधिकारी ने हालांकि इस पर सहमति जताई कि इस साल के आखिर तक आईपीएल का होना जरूरी क्योंकि अगर यह नहीं होता है तो सभी शेयरधारकों को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा.

उन्होंने कहा, ‘अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि यह कब होगा सितंबर में जबकि एशिया कप होना और इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला खेलनी है या फिर अक्टूबर में जब टी20 विश्व कप का आयोजन होगा. जब आप यही नहीं जानते कि चीजें कब तक सामान्य होंगी तो फिर यह कैसे कह सकते हैं कि आईपीएल कब होगा.’

29 मार्च से होना था आईपीएल के 13वें एडिशन का आयोजन 

गौरतलब है कि आईपीएल के 13वें एडिशन का आयोजन 29 मार्च से होना था लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इसे 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है. हालांकि इसके आयोजन पर अब संशय के बादल मंडरा रहे हैं.