नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने कोविड-19 महामारी के लिये प्रधानमंत्री के आपदा प्रबंधन राहत कोष में 51 करोड़ रूपये दिए हैं. खुद बीसीसीआई ने शनिवार को इसकी घोषणा की. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ही ‘प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष’ (PM CARES) नामक ट्रस्ट बनाने की घोषणा की जहां लोग कोरोना वायरस के खिलाफ सरकार की लड़ाई में मदद एवं योगदान दे सकते हैं. प्रधानमंत्रदी इस ट्रस्ट के अध्यक्ष होंगे. Also Read - Delhi-Haryana Border: दिल्ली-हरियाणा सीमा पार करने के लिए अब ट्रेवल पास की नहीं होगी जरूरत

इसकी के तहत बीसीसीआई ने 51 करोड़ रुपये दान किए हैं. बीसीसीआई की विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली, मानद सचिव जय शाह और अन्य अधिकारियों ने शनिवार को मान्यता प्राप्त संघों के साथ मिलकर देश की आपदा प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने और भारतीय नागरिकों की रक्षा करने तथा कोविड-19 से निपटने के लिये अनुसंधान को प्रोत्साहित करने में योगदान देने के लिये प्रधानमंत्री के नागरिक सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष में 51 करोड़ रूपये दान देने की घोषणा की. ’’ Also Read - कोरोना के खिलाफ जंग में हम ही जीतेंगे, दुनिया को हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों से काफी उम्मीद: पीएम नरेंद्र मोदी

इस खतरनाक वायरस को फैलने से रोकने के लिये देश में 21 दिन का लॉकडाउन है जिससे दुनिया भर में करीब 25,000 लोगों की जान जा चुकी है. भारत में अब तक 19 लोगों की मौत हो गयी है जबकि 1000 के करीब लोग इससे संक्रमित हैं.

इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, ‘‘कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चिंताजनक हालात जैसी किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या संकट से निपटने के लिये एक विशेष राष्ट्रीय कोष बनाने की आवश्यकता और इससे प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए ‘आपात स्थितियों में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष (पीएम केयर्स फंड)’ के नाम से एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट बनाया गया है.’’ प्रधानमंत्री इस ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और इसके सदस्यों में रक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं वित्त मंत्री शामिल हैं.

राहत कोष की जानकारी देते हुए मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष स्वस्थ भारत बनाने में काफी सहायक होगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 के खिलाफ भारत के युद्ध में सभी वर्गों से लोगों ने दान देने की इच्छा व्यक्त की थी.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कोष का गठन इसी भावना को ध्यान मे रखते हुए किया गया है.

(इनपुट ऐजेंसी)