कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण इस समय दुनिया के सभी एथलीट अपने घर में फैमिली के साथ समय बिता रहे हैं. कोरोनावायरस की वजह से भारत सहित विश्व के कई देशों में इस समय लॉकडाउन घोषित है. इस दौरान खिलाड़ी सोशल मीडिया के जरिए फैंस के सवालों का जवाब दे रहे हैं. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी ने लोगों को और उदार बना दिया है . उन्होंने उम्मीद जताई कि संकट टलने के बाद भी डॉक्टरों और पुलिसकर्मियों जैसे मोर्चे पर डटे कोरोना योद्धाओं के प्रति कृतज्ञता का भाव कायम रहेगा. Also Read - अमेरिका में कोरोना वायरस से 1,00,000वें व्यक्ति की मौत, 500 से अधिक भारतीय भी हुए आकाल मौत के शिकार

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‘अनअकैडेमी’ द्वारा आयोजित आनलाइन क्लास में कोहली और उनकी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने सफलता मिलने से पहले अपने संघर्षों के बारे में विस्तार से बात की . Also Read - Coronavirus In India Update: कोरोना ने ढाया कहर, 24 घंटे में कुल 194 लोगों की हुई मौत, इन राज्यों का बुरा हाल

कोहली ने कहा, ‘इस संकट का एक सकारात्मक पहलू यह है कि एक समाज के तौर पर हम अधिक उदार हो गए हैं. हम इस जंग में मोर्चे पर जुटे योद्धाओं के प्रति कृतज्ञता दिखा रहे हैं. चाहे वे पुलिसकर्मी हों, डॉक्टर या नर्सें. उम्मीद है कि संकट से उबरने के बाद भी यह जज्बा कायम रहेगा.’

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कोहली ने कहा, ‘जीवन के बारे में कुछ नहीं कह सकते. जिससे खुशी मिले, वह करो और हर समय तुलना नहीं करते रहना चाहिए. इस संकट के बाद जीवन अलग हो जाएगा.’

‘जीवन में कुछ भी अकारण नहीं होता’

अनुष्का ने कहा, ‘इन सबसे भी सीख ही मिली है. जीवन में कुछ भी अकारण नहीं होता. यदि मोर्चे पर ये लोग डटे नहीं होते तो हमे बुनियादी चीजें भी नहीं मिल पाती.’

उन्होंने कहा ,‘इसने हमें सिखाया है कि कोई दूसरे से खास नहीं है. सब कुछ सेहत है. अब हम एक समाज के तौर पर अधिक जुड़ाव महसूस कर रहे हैं.’

कोहली से यह भी पूछा गया कि वह कौन सा पल था जिसमें उन्होंने सबसे असहाय महसूस किया, इस पर उन्होंने कहा, ‘जब शुरूआत में प्रदेश की टीम में भी मेरा चयन नहीं हो पा रहा था. मैं पूरी रात रोता रहा और मैंने अपने कोच से पूछा कि मेरा चयन क्यो नहीं हो रहा.’

कोरोनावायरस की चपेट में आकर भारत में अब तक 600 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवा दी है जबकि इससेे संक्रमित मरीजों की संख्या 18 हजार के आंकड़े को पार कर गई है.