भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) के बाद अब महिला वनडे टीम की कप्तान मिताली राज (Mithali Raj) ने कोरोनावायरस से लड़ाई में उतरने का फैसला किया है। राज ने प्रधानमंत्री राहत कोष में पांच लाख रुपये और तेलंगाना मुख्यमंत्री राहत कोष में भी पांच लाख रुपये दान किए हैं। Also Read - IRCTC NEWS: अगर IRCTC अकाउंट में मोबाइल नंबर, एड्रेस और ई-मेल नहीं किया अपडेट तो बुकिंग में उठानी पड़ सकती है परेशानी

मिताली ने ट्वीट किया, “हमें साथ मिलकर इस आपदा से अपने देश को बाहर निकालना होगा। मैं प्रधानमंत्री राहत कोष में पांच लाख रुपये और तेलंगाना मुख्यमंत्री राहत कोष में भी पांच लाख रुपये दान करती हूं।” Also Read - Coronavirus in Indore News: हॉटस्पॉट इंदौर में संक्रमितों की संख्या 3,600 के पार, अब तक 145 मरीजों की मौत

बता दें कि उनसे पहले, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी दीप्ति शर्मा (Deepti Sharma) ने भी पश्चिम बंगाल आपातकालीन राहत कोष में 50,000 रुपये दान किए। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष और उत्तर प्रदेश राहत कोष में भी अलग से दान दिया है। Also Read - कोरोना काल में विंडीज के 3 खिलाड़ियों ने इंग्लैंड दौरे पर जाने से किया इंकार, जानिए वजह

पूर्व भारतीय खिलाड़ी और मौजूदा समय में बंगाल अंडर-19 क्रिकेट टीम की कोच प्रियांका रॉय ने भी राज्य के राहत कोष में 10,000 रुपये जबकि बंगाल महिला टीम सीनियर कोच शिब शंकर पाल ने राज्य के राहत कोष में अपना योगदान दिया है। बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) के 24 स्टाफ सदस्यों ने भी करीब एक लाख रुपये की मदद की है।

सानिया मिर्जा ने जुटाए 1.25 करोड़ रुपये

भारतीय महिला टेनिस स्टार सानिया मिर्जा (Sania Mirza) ने कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में 1.25 करोड़ रुपये जुटाए हैं। सानिया का मानना है कि 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान इससे करीब एक लाख लोगों को मदद मिलेगी।

सानिया ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “जरूरतमंद लोगों को कुछ सहायता प्रदान करने के लिए हमने पिछले हफ्ते में काफी प्रयास किए हैं। हमने हजारों परिवारों को भोजन दिया और एक हफ्ते में 1.25 करोड़ रुपये जुटाए, जो एक लाख लोगों की मदद करेगा।”

सानिया ने इससे पहले, सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो ‘सफा’ संगठन का समर्थन कर रही थी और उन्होंने लोगों से भी इस मुश्किल समय में दैनिक मजदूरों की मदद करने का आह्वान किया था।

सानिया ने कहा था, “पूरा विश्व इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहा है। हम इस इंतजार में घर बैठे हुए हैं कि सबकुछ फिर से ठीक हो जाएगा। लेकिन यहां पर हजारों लोग हैं, जो ऐसे किस्मत वाले नहीं हैं। ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनकी देखभाल करें कि हम उनके लिए क्या कर सकते हैं। सफा और कुछ अन्य लोगों के साथ आने के बाद हमें उम्मीद है कि हम इस मुश्किल समय में जहां तक संभव हो सके, अधिकतर परिवारों की मदद करें।”