कोविड 19 महामारी (COVID-19 Pandemic) के बीच खेल की गतिविधियां धीरे धीरे शुरू हो रही हैं. देश में खेल प्रतियोगिताएं तो नहीं लेकिन खिलाड़ियों के लिए कैंप के आयोजन की शुरुआत हो चुकी है. हॉकी के बाद बैडमिंटन खिलाड़ी भी प्रैक्टिस के लिए कोर्ट पर लौट आए हैं. Also Read - कार्यस्थल पर कैसे करें कोरोना से सुरक्षा? भारत सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश

ओलंपिक वजन वर्ग के पहलवानों के लिए राष्ट्रीय शिविर एक सितंबर से लखनऊ (महिला) और सोनीपत (पुरुष) में शुरू होगा. टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली एकमात्र भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच स्वास्थ्य चिंताओं का हवाला देकर राष्ट्रीय शिविर से हट गई हैं जिस फैसले से भारतीय रेसलिंग फेडरेशन (WFI)नाराज है. Also Read - United Nations On Coronavirus Death: कोरोना से हो रही मौतों पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, आया यह बयान

कोरोनावायरस महामारी के बीच विनेश को अपने स्वास्थ्य को लेकर है डर Also Read - Wuhan Coronavirus News: जहां से शुरू हुआ कोरोना का कहर, जानें अब Wuhan की कैसी है स्थिति?

हालांकि विनेश लखनऊ की यात्रा करने को लेकर सहज नहीं थीं क्योंकि महामारी के बीच उन्हें अपने स्वास्थ्य को लेकर डर है. विनेश ने पीटीआई से कहा, ‘मैं शिविर में हिस्सा नहीं लेने जा रही. मैं कोच ओम प्रकाश के साथ रोजाना ट्रेनिंग कर रही हूं जो उस योजना का पालन करते हैं जो मेरे निजी कोच वूलर एकोस हर हफ्ते मुझे भेजते हैं. लखनऊ की यात्रा करने के लिए स्थिति ठीक नहीं है.’

विश्व चैंपियनशिप 2019 की कांस्य पदक विजेता ने कहा कि वह काफी आसानी से बीमार हो जाती हैं इसलिए वह अपने स्वास्थ्य को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती. उन्होंने कहा, ‘मेरा पेट काफी संवेदनशील है. आप लखनऊ में भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) केंद्र से बाहर नहीं निकल सकते इसलिए आप अपने लिए जरूरत की चीजें नहीं ला सकते. लखनऊ में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन यहां हरियाणा में स्थिति सुरक्षित है इसलिए मैं यहां अधिक सहज हूं.’

‘चयन समिति फैसला करेगी कि विनेश को छूट मिलेगी या नहीं’

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) हालांकि एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता के कारणों से प्रभावित नहीं है. डब्ल्यूएफआई के सहायक सचिव विनोद तोमर (Vinod Tomar) ने कहा, ‘चयन समिति फैसला करेगी कि विनेश को छूट मिलेगी या नहीं. शिविर खिलाड़ियों के लिए है. हम चाहते हैं कि अब ओलंपिक के लिए तैयारी शुरू हो जाए.’

उन्होंने कहा, ‘हम अपने फायदे के लिए दुकान नहीं चला रहे हैं, शिविर खिलाड़ियों के लिए है और जब वे इस तरह का अंदेशा जताते हैं तो यह हैरानी भरा होता है.’ सुशील कुमार (Sushil Kumar) को राष्ट्रीय शिविर में हिस्सा लेने की जगह छत्रसाल स्टेडियम रहने और ट्रेनिंग की छूट पर तोमर ने कहा कि उनका मामला अलग है.

उन्होंने कहा, ‘हमें पता है कि छत्रसाल बड़ी सुविधा है. वहां जिम है, मैट है और सुशील की ट्रेनिंग के लिए पर्याप्त जोड़ीदार हैं. हमें नहीं पता कि विनेश कौन से अखाड़े में ट्रेनिंग कर रही हैं, वहां किस तरह की सुविधाएं हैं.’

साई टॉप्स के जरिए इन खिलाड़ियों का समर्थन करता है और कई विदेशी दौरों पर भेजता है

तोमर ने कहा, ‘साई टॉप्स के जरिए इन खिलाड़ियों का समर्थन करता है और कई विदेशी दौरों पर भेजता है. उन्हें इस बारे में सोचना चाहिए.’ महिला शिविर 50, 53, 57, 62 और 68 किग्रा में शुरू होगा लेकिन डब्ल्यूएफआई 76 किग्रा वर्ग की पहलवान को भी ला सकता है जो एक अन्य ओलंपिक वजन वर्ग है.

पुरुष फ्रीस्टाइल शिविर सभी छह ओलंपिक वजन वर्गों के साथ शुरू होगा जिसमें 65 किग्रा वर्ग भी शामिल है जहां पदक के दावेदार बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) प्रतिस्पर्धा पेश करते हैं. तोमर ने कहा, ‘बजरंग अपने निजी कोच शाको बेनटिनिदिस के साथ सोनीपत में शिविर में होंगे. सिर्फ सुशील को छूट मिली है.’

बजरंग बेनटिनिदिस के साथ बेंगलुरू में ट्रेनिंग कर रहे हैं

बजरंग बेनटिनिदिस के साथ बेंगलुरू के इंस्पायर इंस्टीट्यूट फोर स्पोर्ट्स में ट्रेनिंग कर रहे हैं. सुशील के 74 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश करने वाले जितेंदर कुमार भी वहीं ट्रेनिंग कर रहे हैं. भारत ने पुरुष वर्ग में बजरंग (65 किग्रा), रवि दाहिया (57 किग्रा) और दीपक (86 किग्रा) के जरिए ओलंपिक कोटा हासिल किया है.