नई दिल्ली : बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) की रणजी ट्रॉफी में उच्च रैंक के अंपायरों की नियुक्ति की अपील पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) विचार कर रहा है. बोर्ड के करीबी सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी. सीएबी ने बोर्ड को लिखे अपने एक पत्र में कहा है कि बीसीसीआई ने दिसंबर में रणजी ट्रॉफी तथा अन्य घरेलू टूर्नामेंट में कम रैंक के अंपायरों की नियुक्ति की है और उच्च रैंक के अंपायरों को मौका नहीं दिया है.Also Read - भारतीय खिलाड़ियों को विराट कोहली के लिए टी20 विश्व कप जीतना चाहिए: सुरेश रैना

Also Read - T20 World Cup 2021: Virat Kohli ने तोड़ी चुप्पी, MS Dhoni के 'मेंटर' बनने पर कही ये बात

पत्र का जबाव देते हुए हुए बीसीसीआई ने सीएबी के सह-सचिव अविषेक डालमिया को आश्वस्त करते हुए लिखा है कि इस मामले पर ध्यान दिया जाएगा. बीसीसीआई के इस जवाब की प्रति आईएएनएस के पास है. Also Read - टीम इंडिया के कोच पद के लिए राहुल द्रविड़ सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार: एमएसके प्रसाद

IPL 2018: केकेआर ने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को टीम से किया बाहर, 9.40 करोड़ रुपये में लगी थी बोली

बीसीसीआई ने डालमिया को भेजे मेल में लिखा है, “आप जानते हैं कि हमारे पास 115 अंपायर है जिन्हें हमें घरेलू मैचों में नियुक्त करना होता है, वो भी इस बात को ध्यान में रखते हुए अंपायरों को एक जगह से दूसरी जगह जाना भी होता है.” मेल में कहा गया है, “हालांकि, हम इस मुद्दे पर ध्यान देंगे और सुनिश्चित करेंगे कि ग्रुप-सी से शीर्ष-8 अंपायर रणजी ट्रॉफी के मैचों में नियुक्त किए जाएं.”

डालमिया से जब बीसीसीआई के जवाब के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “यह एक रूटीन मामला है और हम इसे मुद्दा नहीं बनाना चाहते हैं. हमने अच्छे इरादे के साथ यह पत्र लिखा था और बीसीसीआई ने हमें आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे को देखेगा.”

वर्ल्डकप 2019: ICC ने टिकट बुकिंग के लिए लॉन्च किया प्लेटफॉर्म, यहां नहीं देना होगा एक्स्ट्रा चार्ज

डालमिया ने अपने पत्र में लिखा था, “मैं यह पत्र दिसंबर 2018 में होने वाले घेरलू मैचों में अंपायरों की नियुक्ति के संबंध में लिख रहा हूं. इस मामले में आप जानते हैं कि बीसीसीआई ने सीजन के लिए अंपायरों को रैंकिंग दी है और इसी लिहाज से उच्च रैंक के अंपायरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.”

उन्होंने लिखा, “हालांकि, मौजूदा नीति के बावजूद, कल जो नियक्तियां हुई हैं उनमें पाया गया है कि एक से चार रैंक के अंपायरों को जिम्मदारी सौंपी गई है जबकि पांच से 32 रैंक के अंपायरों को दिसंबर में होने वाले रणजी ट्रॉफी मैचों के लिए प्राथमिकता नहीं दी गई है.” पत्र में लिखा है, “इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रुप-सी में जो अंपायर 33-35 रैंक के हैं, उन्हें राणजी ट्रॉफी मैचों के लिए नियुक्त किया गया है.”