क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने आईसीसी के भविष्य दौरा कार्यक्रम (FTP) को लेकर बीसीसीआई की चिंताओं पर सहमति जताते हुए कहा है कि इससे द्विपक्षीय मुकाबले प्रभावित हो सकते हैं। Also Read - चीफ सेलेक्टर का बड़ा बयान, IPL छोड़ देंगे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी!

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इस भविष्य दौरा कार्यक्रम (2023-2031) में हर साल आईसीसी का एक टूर्नामेंट प्रस्तावित है लेकिन सीए द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज पर समझौता नहीं करना चाहता है। Also Read - WTC फाइनल की जगह क्‍यों नहीं आयोजित हुई तीन मैचों की सीरीज ? ICC ने पहली बार रखा अपना पक्ष

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इस महीने दुबई में हुई आईसीसी की बैठक में यह कहा गया था कि कार्यकारी परिषद के सदस्य सैद्धांतिक रूप से मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनु साहनी के उस विचार से सहमत है जो आठ साल के लिए प्रसारण अधिकार बेचने के बारे में है।

बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी ने आईसीसी के इस फैसले पर चिंता जताते हुए कहा था कि भारतीय बोर्ड इससे सहमत नहीं है। सीए के मुख्य कार्यकारी केविन रोबर्ट्स ने भी माना कि आईसीसी की इस योजना का बीसीसीआई समर्थन करेगा।

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रोबर्ट्स ने एसईएन रेडियो से कहा, ‘‘आईसीसी के टूर्नामेंटों का कार्यक्रम ऐसा है जिस पर अभी और आने वाले महीने में निश्चित तौर पर चर्चा होगी।’’

अगले आठ साल के कार्यक्रम में चार टी20 विश्व कप के अलावा दो एकदिवसीय विश्व कप का आयोजन शामिल है और रोबर्ट्स का मानना है कि अगर इस में चैम्पियन्स ट्राॅफी की तरह का टूर्नामेंट जोड़ा जाता है तो इसका असर आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप पर पड़ेगा।

रोबर्ट्स ने कहा, ‘‘ हमें विश्व कप के साथ दो विश्व कप के बीच खेले जाने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के बीच सामांजस्य बिठाना होगा। इसके साथ ही बीबीएल और आईपीएल जैसे घरेलू लीग टूर्नामेंटों को भी भविष्य में बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।’’