नई दिल्ली. इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में खेले टेस्ट सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया को 31 रन से हार का सामना करना पड़ा. इस हार के साथ सीरीज में भारतीय टीम 0-1 से पीछे हो गई है. पर, क्या आप जानते हैं कि टीम इंडिया की इस हार के पीछे इंग्लिश टीम से ज्यादा उसके खानदानी क्रिकेटर का हाथ है. जी हां, खानदानी इसलिए क्योंकि क्रिकेट उसके खून में है. ये खेल उसे विरासत में मिला है. बर्मिंघम टेस्ट में विराट एंड कंपनी हार की स्क्रिप्ट लिखने वाले इस क्रिकेटर का नाम है सैम कुर्रन. सैम की उम्र महज 20 साल है और उनका टेस्ट करियर सिर्फ 2 मैचों का है. Also Read - पूल में रोमांस कर रहे थे विराट और अनुष्का, एबी डिविलियर्स ने क्लिक की ये शानदार तस्वीर

सैम बने हार की वजह Also Read - IPL 2020: राजस्थान के खिलाफ मैच में ई-सिगरेट पीते नजर आए एरॉन फिंच, लोगों ने कोहली से मांगा जवाब

बर्मिंघम टेस्ट में सैम ने अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों से टीम इंडिया को छकाया. सैम ने इस मैच में दोनों पारियों को मिलाकर 5 विकेट लिए और 87 रन बनाए. इसमें पहली पारी में उनके लिए 4 विकेट ने इंग्लैंड को 13 रन की बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तो वहीं दूसरी पारी में खेली सैम कुर्रन की 63 रन की पारी ने टीम इंडिया की हार की स्क्रिप्ट लिखने में मेन रोल प्ले किया. सैम इंग्लैंड के पहले क्रिकेटर हैं जिन्होंने 21 साल से कम की उम्र में एक ही टेस्ट में 4 विकेट लिए हैं और अर्धशतक जड़ा है. Also Read - HIGHLIGHTS, RR vs RCB: डीविलियर्स ने छक्‍के के साथ बैंगलोर को सात विकेट से जिताया मैच

विराट से सीखा और टीम इंडिया को हराया

बड़ी बात ये है कि बर्मिंघम टेस्ट की दूसरी पारी में बल्ले से अपनी बेमिसाल सफलता का श्रेय सैम ने टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को दिया है. सैम ने कहा, “सच कहूं तो जिस तरह से विराट कोहली ने पहली पारी में टैलेंडर्स के साथ बल्लेबाजी की उससे मैंने काफी सीखा है. उसी का नतीजा है कि जब मैं दूसरी पारी में बल्लेबाजी को उतरा तो कुछ रन बना सका.” दूसरी पारी में सैम ने अर्धशतक जमाया और टैलेंडर्स के साथ मिलकर 8वें विकेट के लिए 48 रन जोड़े और 9वें विकेट के लिए 41 रन की साझेदारी की. नतीजा , ये हुआ कि इंग्लैंड ने भारत को 194 रन का टारगेट दिया, जिससे पार पाने में टीम इंडिया बुरी तरह से नाकाम रही. वैसे भी भारत ने इंग्लैंड में अब तक सबसे बड़ा टारगेट 174 रन का चेज किया था और उस लिहाज से 194 का टोटल बहुत ज्यादा था.

सैम के ‘खून’ में है क्रिकेट

बता दें कि बर्मिंघम टेस्ट में इंग्लैंड के जीत के हीरो बने सैम ने 17 साल की उम्र में सरे की और से फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था और काउंटी चैंपियनशिप में 5 विकेट लेने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे. मूलत: जिम्बाब्वे से ताल्लुक रखने वाले सैम एक क्रिकेट फैमिली से आते हैं. उनके दादा जी केविन पैट्रिक ने 7 फर्स्ट क्लास मैच खेले. उनके पिता केविन मार्शल जिम्बाब्वे के लिए क्रिकेट खेले. उनके बड़े भाई टॉम कुर्रन एक ऑलराउंडर हैं और इंग्लैंड के लिए 2 टेस्ट, 8 वनडे और 6 टी20 खेल चुके हैं. मंझले भाई बेन जिनकी उम्र 22 साल है वह Northants के लिए सेकेंड इलेवन क्रिकेट खेलते हैं.