बिग बैश लीग (Big Bash League) के प्रमुख एलिस्टेयर डॉब्सन (Alistair Dobson) ने बुधवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया की यह शीर्ष क्रिकेट लीग केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है और वह राष्ट्रीय टीम के लिये नयी प्रतिभाएं खोजने में भी अपनी भूमिका निभा रहा है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर से शुरू होने वाले बीबीएल के 11वें सत्र का कार्यक्रम जारी किया जिसके बाद डॉब्सन ने यह टिप्पणी की.Also Read - Shafali Verma बिग बैश लीग 2021 में खेलने को हैं तैयार, इस फ्रेंचाइजी ने किया अप्रोच

उन्होंने ‘द ऐज’ से कहा, ‘‘मैं राष्ट्रीय टीम पर टिप्पणी नहीं करने जा रहा हूं. बीबीएल को लेकर हमारा आकलन प्रशंसकों और मनोरंजन से जुड़ा रहा है. यह हमेशा नये प्रशंसकों और बच्चों को इस खेल के प्रति आकर्षित करने से जुड़ा रहा है. ’’ Also Read - BBL 2020-21,Melbourne Stars vs Hobart Hurricanes: दिल्ली कैपिटल्स की ओर से IPL 2020 में जलवा बिखेर चुके इस कंगारू खिलाड़ी ने अब बीबीएल में खेली धांसू पारी

डॉब्सन ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर इस पर हमारा ध्यान है लेकिन इसके साथ बीबीएल ने खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रदर्शन करने का मंच दिया है. ऐसे कई उदाहरण है जहां बीबीएल और डब्ल्यूबीबीएल (महिला लीग) के जरिये नयी प्रतिभाओं का पता लगा है.’’ Also Read - BBL 2020-21: पीटर सीडल ने फॉकनर को मांकडिंग की चेतावनी देकर छोड़ा, देखें VIDEO

महिला बिग बैश लीग में भारतीय खिलाड़ियों की मांग: युवा आक्रामक बल्लेबाज शेफाली वर्मा की अगुआई में भारतीय महिला खिलाड़ियों की महिला बिग बैश लीग (डब्ल्यूबीबीएल) के आगामी सत्र के लिए काफी मांग है क्योंकि 14 अक्तूबर से शुरू हो रही इस टी20 लीग से पहले वे ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर होंगी.

शेफाली भारत की टी20 क कप्तान हरमनप्रीत कौर के नक्शेकदम पर चल रही हैं, जो 2016 में महिला बिग बैश के लिए साइन करने वाली पहली भारतीय बनीं थीं. हरमनप्रीत ने सिडनी थंडर का प्रतिनिधित्व किया था. इसके बाद स्मृति मंधाना (ब्रिस्बेन हीट) और वेदा कृष्णमूर्ति (होबार्ट हरिकेन्स) भी इस लीग में खेलीं. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के बिग बैश प्रमुख एलिस्टेयर डॉबसन ने भरोसा जताया कि महामारी के बावजूद विदेशी खिलाड़ियों की सेवाएं मिलेंगी.