श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने अपने खिलाड़ियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है. बोर्ड ने कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के चलते 30 जुलाई को अपने तीन खिलाड़ियों पर बैन के साथ एक करोड़ श्रीलंकाई रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इन खिलाड़ियों में कुसल मेंडिस (Kusal Mendis), निरोशन डिकवेला (Niroshan Dickwella) और दनुष्का गुणतिलका (Danushka Gunathilaka) का नाम शामिल है.Also Read - Pakistan vs West Indies: वेस्टइंडीज ने बचाई Pakistan की लाज, T20-वनडे सीरीज के लिए जताई प्रतिबद्धता

इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की शृंखला के दौरान किसी ने इन तीनों को डरहम की सड़कों घूमते हुए कैमरे में कैद कर लिया था. उन्होंने टीम के बायो-बबल को तोड़ा था. इसके बाद उन्हें दौरे के बीच में घर वापस भेज दिया गया था. Also Read - बिना खिलाड़ियों से बात किए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने रद्द किया पाकिस्तान दौरा, PCB करेगा मुआवजे की मांग

उन्हें एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली अनुशासनात्मक समिति का भी सामना करना पड़ा, जिसने डिकवेला के लिए 18 महीने के प्रतिबंध जबकि मेंडिस और गुणतिलका के लिए दो साल के प्रतिबंध की सिफारिश की थी. Also Read - PCB का बड़ा ऐलान- अब पाकिस्तान न्यूट्रल वेन्यू पर नहीं खेलेगा घरेलू सीरीज

एसएलसी की समिति ने हालांकि शुक्रवार को उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलने पर छह महीने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया. उनकी बाकी एक साल की सजा को निलंबित कर दिया गया है. यह निलंबित सजा दो साल के लिए वैध रहेगी और इस दौरान इन खिलाड़ियों को फिर से नियमों की अनदेखी करने से बचना होगा.

एसएलसी ने खिलाड़ियों पर तीन आरोप लगाये जिसमें, ‘कोविड-19 से जुड़े दिशा निर्देशों की अनदेखी कर के दूसरे खिलाड़ियों को खतरे में डालने के साथ रात 10.30 बजे तक होटल के अपने कमरे में नहीं पहुंचना और देश तथा बोर्ड को बदनाम करना शामिल है.’