श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने अपने खिलाड़ियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है. बोर्ड ने कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के चलते 30 जुलाई को अपने तीन खिलाड़ियों पर बैन के साथ एक करोड़ श्रीलंकाई रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इन खिलाड़ियों में कुसल मेंडिस (Kusal Mendis), निरोशन डिकवेला (Niroshan Dickwella) और दनुष्का गुणतिलका (Danushka Gunathilaka) का नाम शामिल है.Also Read - बाल यौन शोषण के मामले में क्रिकेट ऑस्‍ट्रेलिया ने मांगी माफी, जारी किया ये बयान

इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की शृंखला के दौरान किसी ने इन तीनों को डरहम की सड़कों घूमते हुए कैमरे में कैद कर लिया था. उन्होंने टीम के बायो-बबल को तोड़ा था. इसके बाद उन्हें दौरे के बीच में घर वापस भेज दिया गया था. Also Read - विराट कोहली का खुलासा, सूर्यकुमार यादव को आक्रामक बल्लेबाजी करते देख रोहित-द्रविड़ ने डगआउट से भेजा था ये मैसेज

उन्हें एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली अनुशासनात्मक समिति का भी सामना करना पड़ा, जिसने डिकवेला के लिए 18 महीने के प्रतिबंध जबकि मेंडिस और गुणतिलका के लिए दो साल के प्रतिबंध की सिफारिश की थी. Also Read - Ind Vs Aus 1st T20: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इन सवालों के बीच मैदान में उतरेगी टीम इंडिया, प्लान पर दौड़ा लीजिए नजर

एसएलसी की समिति ने हालांकि शुक्रवार को उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलने पर छह महीने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया. उनकी बाकी एक साल की सजा को निलंबित कर दिया गया है. यह निलंबित सजा दो साल के लिए वैध रहेगी और इस दौरान इन खिलाड़ियों को फिर से नियमों की अनदेखी करने से बचना होगा.

एसएलसी ने खिलाड़ियों पर तीन आरोप लगाये जिसमें, ‘कोविड-19 से जुड़े दिशा निर्देशों की अनदेखी कर के दूसरे खिलाड़ियों को खतरे में डालने के साथ रात 10.30 बजे तक होटल के अपने कमरे में नहीं पहुंचना और देश तथा बोर्ड को बदनाम करना शामिल है.’