England vs India, 5th Test: इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टेस्ट मैच के रद्द होने के बाद बीसीसीआई ने मैच को रि-शिड्यूल करने की सिफारिश की है, जिसकी पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने सराहना की है. रवि शास्त्री, भरत अरुण और आर श्रीधरन के बाद भारतीय टीम के सहायक फिजियो योगेश परमार भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद भारतीय टीम ने टेस्ट शृंखला का पांचवां मैच नहीं खेलने का फैसला किया.Also Read - Anil Kumble नहीं बनेंगे हेड कोच, VVS Laxman को मिल सकता है ऑफर!

भारतीय खिलाड़ी कोविड-19 जांच में पॉजिटिव आने के बाद 10 दिनों तक इंग्लैंड में पृथकवास में रहने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थे. इससे इंडियन प्रीमियर लीग का आयोजन भी प्रभावित हो सकता था. Also Read - T20 World Cup 2021: Virat Kohli को BCCI से बात करनी थी... कप्तानी छोड़ने के फैसले से नाखुश Kapil Dev

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने कहा है कि मैच बाद की किसी तारीख को फिर से खेला जाएगा. यह मुकाबला हालांकि इस श्रृंखला का हिस्सा नहीं होगा लेकिन इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है. Also Read - MS Dhoni के मेंटोर बनने से गेंदबाजी यूनिट को काफी मदद मिलेगी: वीरेंद्र सहवाग

सुनील गावस्कर ने कहा है कि भारत को दौरे को पूरा करने के लिए वापस लौटने की इंग्लैंड की उस मदद को कभी नहीं भूलना चाहिए, जिसे 2008 में 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के कारण बीच में ही रोक दिया गया था. गावस्कर ने बीसीसीआई के मैच बाद की तारीख में फिर से खेलने की पेशकश को ‘शानदार खबर’ करार देते हुए कहा कि रद्द किये गये टेस्ट को इंडियन प्रीमियर लीग के बाद अगले साल आयोजित किया जा सकता है.

गावस्कर ने कहा, ‘‘हां, मुझे लगता है कि यह सही (रद्द किए गए टेस्ट को फिर से खेलने की योजना बनना) कदम होगा. देखिए, भारत में हमें इस बात को कभी नहीं भूलना चाहिए कि इंग्लैंड की टीम ने 2008 में 26/11 के आतंकवादी हमले के बाद क्या किया था. वे श्रृंखला पूरी करने वापस आये थे. इंग्लैंड की टीम उस समय कह सकती थी कि ‘हम सुरक्षित महसूस नहीं करते. हम वापस नहीं आयेंगे’ लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.’’

गावस्कर ने कहा कि तत्कालीन कप्तान केविन पीटरसन ने टेस्ट मैचों के लिए इंग्लैंड की वापसी के फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा, ‘‘ यह कभी नहीं भूलना चाहिये कि केविन पीटरसन ने टीम का उस टीम का नेतृत्व किया, और वह इस फैसले के मामले में मुख्य व्यक्ति थे. अगर पीटरसन ने उस समय भारत आने से मना कर दिया होता तो दौरा वहीं खत्म हो जाता.’’

क्या था पूरा मामला: दरअसल जब आतंकवादियों ने मुंबई पर हमला किया, तब उस वक्त मेहमान इंग्लैंड की टीम 26 नवंबर को कटक में भारत के खिलाफ एकदिवसीय मैच खेल रही थी, जिससे सात मैचों की सीरीज के आखिरी दो एकदिवसीय मैच रद्द हो गए. इंग्लैंड ने तुरंत स्वदेश जाने का फैसला किया. लेकिन बाद में दो टेस्ट मैचों की शृंखला के लिए वापसी की, जिसमें भारत ने 1-0 से जीत हासिल की.