भारतीय हॉकी टीम (Indian Hockey Team) ने ओलंपिक खेलों में पदक पाने का 41 साल का सूखा आज खत्म कर दिया. टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) में भारत और जर्मनी (India vs Germany Bronze Medal Match) ब्रॉन्ज मेडल के लिए एक-दूसरे से भिड़ रहे थे. भारतीय टीम यहां जर्मनी को 5-4 से हराकर 41 साल बाद ओलंपिक में कोई पदक हासिल किया. इस मौके पर पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी सांसद गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने भी हॉकी टीम को अपनी बधाई दी. लेकिन उनके ट्वीट ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया, जिससे कई फैन्स दुखी हैं.Also Read - Tokyo Olympics में हारकर भी इतिहास रचने वाली भवानी देवी की तलवार हो सकती है आपकी! जानें पाने का तरीका

दरअसल गंभीर (Gautam Gambhir) ने भारतीय हॉकी टीम के इस कांस्य पदक को भारतीय क्रिकेट टीम के 3 वर्ल्ड कप (India Cricket World Cup Wins) खिताबों से भी बड़ा करार दे दिया. फैन्स को गंभीर की यह तुलना कतई रास नहीं आई और उन्होंने गंभीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खरी-खरी सुनाने में जरा भी देर नहीं लगाई. Also Read - Neeraj Chopra का सपना पूरा, माता-पिता को पहली बार कराया 'हवाई सफर'

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दरअसल भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने इंडियन हॉकी माई प्राइड हैश टैग के साथ ट्वीट किया, ‘भूल जाइए 1983, 2007 और 2011, हॉकी में यह पदक किसी भी वर्ल्ड कप से बड़ा है.’

फैन्स को गंभीर की यह तुलना कतई रास नहीं आई. कुछ फैन्स ने कहा कि दो अलग-अलग खेलों की तुलना होनी ही नहीं चाहिए. हर खेल की अपनी गरिमा और अपना महत्व है. कई फैन्स ने इसलिए भी हैरानी जताई क्योंकि गौतम गंभीर खुद वर्ल्ड कप 2007 और वर्ल्ड 2011 की जीत के सदस्य रह चुके हैं. इसके बावजूद वह ऐसी बात क्यों बोल रहे हैं. भारतीय क्रिकेट टीम ने वनडे वर्ल्ड कप खिताब 1983 और 2011 में अपने नाम किया था, जबकि 2007 में वह टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन बनी थी.

एक यूजर ने लिखा, ‘श्रीमान, किसी खिलाड़ी का ट्वीट होने से ज्यादा यह किसी राजनीतिक व्यक्ति का ट्वीट ज्यादा लग रहा है. किसी दूसरे की उपलब्धियों का महत्व कम करने की कोई जरूरत नहीं है.’

एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘मैं खुश हूं. लेकिन हम तीसरे स्थान पर हैं. वर्ल्ड कप जीतने और भारत का किसी अन्य खेल में गोल्ड जीतने पर इसमें तुलना की जरूरत नहीं है.’

इस यूजर ने लिखा, ‘उस दुनिया में जहां लोग अलग फॉर्मेट और समय की तुलना नहीं करते हैं वह गंभीर साहब दो अलग-अलग खेलों की तुलना कर रहे हैं. पूरे सम्मान के साथ.’

इस यूजर ने लिखा, ‘किसी दूसरे की उपलब्धि को निर्थक क्यों करना है. जब हम दोनों का जश्न मना सकते हैं.’

इस यूजर ने लिखा, ‘2007 और 2011 वर्ल्ड कप के आप हीरो रहे हो. इसके बावजूद  आप ऐसा बोल रहे हो.. क्यों!!!!!’