...जब कंगारू गेंदबाज के खिलाफ जावेद मियांदाद ने उठाया था बल्‍ला, मैदान पर ही करने लगे किरण मोर की नकल

पाकिस्‍तान की टीम के पूर्व कप्‍तान जावेद मियांदाद (Javed Miandad Birthday) का विवादों से पुरान नाता रहा है. आज वो 65 साल के हो गए हैं. आइये इस मौके पर उनके जीवन से जुड़े कुछ मजेदार किस्‍से आपको बताते हैं.

Published date india.com Published: June 12, 2022 10:37 AM IST
Javed Miandad Controversy Twitter
Javed Miandad Controversy @ Twitter

Happy Birthday Javed Miandad पाकिस्‍तान क्रिकेट के इतिहास को जब भी टटोला जाएगा तो वो पूर्व कप्‍तान जावेद मियांदाद की कहानी पर गौर किए बिना खत्‍म नहीं हो सकती है. टेस्‍ट क्रिकेट के इतिहास में अब भी सबसे कम उम्र में दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड जावेद मियांदाद के नाम है. डेब्‍यू टेस्‍ट में 163 रन की पारी खेलने वाला यह बल्‍लेबाज अपने तीसरे ही मुकाबले में दोहरा शतक जड़ने में सफल रहा था. उस वक्‍त उनकी उम्र महज 19 साल की थी. आज मियांदाद का जन्‍मदिन है. कराची के स्‍ट्रीट फाइटर के नाम से मशहूर यह बल्‍लेबाज आज 65 साल का हो गया है. आइये इस मौके पर उनके जीवन से जुड़े कुछ किस्‍सों से आपको रूबरू कराते हैं.

…जब कंगारू बल्‍लेबाज को पीटने के लिए उठाया लिया था बल्‍ला

जावेद मियांदाद का विवादों से पुराना नाता है. वो काफी गुस्‍सैल मिजाज के हैं. यही वजह है कि मियांदाद कराची के स्‍ट्रीट फाइटर के नाम से भी मशहूर हैं. साल 1981 में पाकिस्‍तान की टीम ऑस्‍ट्रेलिया के दौरे पर थी. मियांदाद पाक टीम के कप्‍तान थे. उन्‍होंने पर्थ टेस्‍ट के दौरान ऑस्‍ट्रेलिया की टीम के गेंदबाज डेनिस लि‍ली को पीटने के लिए हाथ में बल्‍ला उठा लिया था. अंपायर ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत किया. मियांदाद यहीं नहीं रुके. वो वापस जाते-जाते एक बार फिर बल्‍ला मारने के लिए लिली के पास पहुंच गए थे. जैसे-तैसे उन्‍हें शांत किया गया. दरअसल, उनका आरोप था कि लिली ने उन्‍हें धक्‍का मारा. विकेट लेने में नाकाम होने पर जानबूझ कर परेशान कर रहे थे.

…मैदान पर ही किरण मौरे की उतारने लगे नकल

भारत और पाकिस्‍तान की टीमें जब भी मैदान पर हों तो अक्‍सर खिलाड़ी दबाव में होते ही हैं. साल 1992 के विश्‍व कप के दौरान मियांदाद ने अपने बेबाक अंदाज का परिचय देते हुए मैदान पर ही भारतीय विकेटकीपर किरण मौरे की कूद-कूद कर नकल उतारी थी. दरअसल, मौरे विकेट लेने के लिए अंपायर से कुछ ज्‍यादा ही अपील कर रहे थे. यह बात जावेद साहब को नागवार गुजरी और वो खुद भी कूद-कूद कर मौरे की नकल उतारने लगे.

…एशिया कप फाइनल में आखिरी गेंद पर छक्‍का लगाकर भारत को दी मात

जावेद मियांदाद अक्‍सर दबाव में शानदार बल्‍लेबाजी करने के लिए जाने जाते थे. अपनी इस कला का परिचय उन्‍होंने 1986 में खेले गए एस्‍टल-एशिया कप के दौरान दिया था. भारत और पाकिस्‍तान के बीच खिताबी मैच खेला गया. फाइनल में टीम इंडिया ने पहले बल्‍लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 245 रन ठोक दिए. मियांदाद बल्‍लेबाजी पर थे और आखिरी वक्‍त पर मैच फंस गया था. पाकिस्‍तान को जीत के लिए चार रन चाहिए थे लेकिन मियांदाद ने छक्‍का जड़कर अपनी टीम को जीत दिलाई.

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