टीम इंडिया (Team India) ने टेस्‍ट सीरीज में मेहमानों पर 1-0 से जीत दर्ज की. यह लगातार 12वां मौका है जब न्‍यूजीलैंड की टीम भारत दौरे पर आने के बाद टीम इंडिया को परास्‍त करने में विफल रही हो. आखिरी बार साल 1988 में कीवियों ने भारत को भारत में टेस्‍ट सीरीज हराई थी. इस सीरीज जीत का श्रेय काफी हद तक रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) को जाता है. उन्‍होंने दो मैचों में 14 विकेट निकाल कीवियों की कमर तोड़ दी थी. महज एक मैच से अश्विन अपने घर पर तेजी से 300 विकेट लेने के मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) के रिकॉर्ड की बराबरी करने से चूक गए.Also Read - Kevin Pietersen ने इस बल्‍लेबाज को बताया भारत का नया Test Captain, कोई नहीं ले सकता जगह

घर में पूरे किए 300 विकेट Also Read - ICC Men's Test Team of the Year 2021: आईसीसी ने चुनी वर्ष की सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन, Rohit Sharma समेत ये भारतीय शामिल

रविचंद्रन अश्‍विन (Ravichandran Ashwin) ने इस मैच में भारत की धरती पर अपने 300 टेस्‍ट विकेट भी पूरे कर लिए हैं. ऐसा करने के लिए उन्‍हें कुल 49 मैच लगे. मुरलीधरन ने श्रीलंका में 48 मैचों में अपने 300 टेस्‍ट विकेट पूरे कर लिए थे. अनिल कुंबले को ऐसा करने के लिए 52 मैच खेलने पड़े थे जबकि शेन वार्न ने 65 मैचों में ये कीर्तिमान बनाया था. Also Read - Virat Kohli के नाम Ravichandran Ashwin का ट्वीट, लिखी दिल को छूने वाली बात

जल्‍द तोड़ेंगे कुंबले का ये रिकॉर्ड

अपने घर में सर्वाधिक विकेट लेने के मामले में अनिल कुंबले (Anil Kumble) सबसे आगे हैं. उन्‍होंने करियर के दौरान भारत में कुल 350 विकेट निकाले थे जबकि अश्विन के नाम इस वक्‍त 300 विकेट हैं. इस फेहरिस्‍त में 265 विकेट के साथ हरभजन सिंह तीसरे और 219 विकेट के साथ कपिल देव चौथे स्‍थान पर हैं.

मुरलीधरन का मैन ऑफ द टूर्नामेंट का रिकॉर्ड काफी करीब

यही वजह है कि उन्‍हें प्‍लेयर ऑफ द टूर्नामेंट से नवाजा गया. टेस्‍ट करियर में ये नौवां मौका है जब अश्विन को सीरीज जीतने का इनाम दिया गया है. वो अब इस मामले में मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) का रिकॉर्ड तोड़ने के बेहद करीब आ गए हैं. मुरलीधरन ने अपने करियर में 11 बार प्‍लेयर ऑफ द टूर्नामेंट नाम किया था. 35 साल के अश्विन के पास मौका है कि वो मुरलीधरन का रिकॉर्ड तोड़ दें.