India vs South Africa: साउथ अफ्रीका ने भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली है. इस शृंखला के दौरान मार्को जेनसन (Marco Jansen) को डेब्यू का मौका दिया गया, जिसमें जेनसन ने 19 शिकार किए. सीरीज के दौरान मार्को जेनसन ने ना सिर्फ विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा, बल्कि वह बेखौफ भी नजर आए.Also Read - गुजरात टाइटंस टीम के डॉयरेक्टर ने कहा- हार्दिक पांड्या में आईपीएल 2022 जीतने की क्षमता है

बीच जसप्रीत बुमराह के साथ उनकी तकरार भी चर्चा में रही. जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) और जेनसेन आईपीएल (IPL) एक साथ मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) की ओर से खेलते हैं. बुमराह मुंबई के सबसे बड़े स्टार हैं वहीं दूसरी ओर जेनसन ने पिछले ही सीजन में अपना डेब्यू किया और आईपीएल में केवल दो ही मैच खेले हैं. टेस्ट सीरीज में दोनों के बीच काफी तू-तू मैं-मैं होती दिखाई दी. Also Read - IPL 2022 Final, GT vs RR: फाइनल मैच देखने पहुचेंगे गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे, स्टेडियम में सुरक्षा बढ़ी

जोहान्सबर्ग में बुमराह और जेनसन के बीच मैदान पर बहस हुई थी. उस वक्त बीच बचाव कर मामले को शांत कराया गया. इसके बाद केप टाउन टेस्ट में बुमराह ने जेनसेन को बोल्ड किया था. इसके बाद वह युवा खिलाड़ी को घूरते हुए दिखाई दिए थे. Also Read - IPL 2022 फाइनल से पहले कप्तान हार्दिक पांड्या ने गुजरात टाइटन्स की सफलता का श्रेय कोच नेहरा को दिया

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज एशवेल प्रिंस (Ashwell Prince) ने टेस्ट सीरीज के दौरान भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के खिलाफ लड़ाई में पीछे नहीं हटने के लिए युवा तेज गेंदबाज मार्को जेनसन की प्रशंसा की. एशवेल प्रिंस ने जेनसन की हिम्मत की तारीफ करते हुए कहा कि खिलाड़ी को इसी तरह बेखौफ होना चाहिए. एशवेल प्रिंस का मानना है कि अपने आईपीएल करार की चिंता किए बगैर जेनसन बुमराह से भिड़ गए जो दिखाता है कि उनके लिए उनका देश सबसे अहम है.

साउथ अफ्रीका के पहले कप्तान एशवेल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि खिलाड़ियों को आईपीएल में मिलने वाले पैसों से ज्यादा अपने देश को तरजीह देनी चाहिए. मार्को जेनसन की तारीफ करते हुए उन्होंने लिखा, “साउथ अफ्रीका और भारत की सीरीज के दौरान एक बात जो मुझे सबसे ज्यादा पसंद आई वह यह थी कि जेनसन पूरी सीरीज में कही भी बुमराह से दबे नहीं. उन्होंने यह नहीं सोचा कि इसका उनके आईपीएल करार पर असर हो सकता है या वहां के लोगों से उनके रिश्ते खराब हो सकते हैं. उन्होंने पहले अपने देश को तरजीह दी और ऐसा ही होना चाहिए.”