श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे (IND vs SL ODI) में अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन के दम पर भारत को जीत दिलाने वाले युवा खिलाड़ी दीपक चाहर (Deepak Chahar) की शानदार बैटिंग पर चर्चाएं अभी थमी नहीं हैं. गुरुवार को तीसरे वनडे से पहले जब वह वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए तो यहां भी उनसे पिछली पारी पर कई सवाल पूछे गए. एक सवाल के जवाब में चाहर ने कहा कि उन्होंने लक्ष्य का पीछा करने की यह कला पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) से सीखी है.Also Read - वीरेंद्र सहवाग ने शेयर किया वैकल्पिक नंबर, बोले- शॉवर में गिरकर खराब हो गया है फोन, फैन्‍स कंफ्यूज

मंगलवार को खेले गए दूसरे वनडे मैच में 8वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे इस खिलाड़ी ने नाबाद 69 रन बनाकर भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाई. चाहर ने कहा, ‘धोनी (MS Dhoni) का मुझ पर गहरा असर है. सिर्फ चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ ही नहीं बल्कि हमने शुरू से देखा है कि कैसे वह करीबी मैच जिताते थे. वह हमेशा मुझसे कहते हैं कि मैच आखिर तक ले जाना तुम्हारे हाथ में है और अगर तुम ऐसा कर सको और तुम्हारे पास ओवर हों तो मैच रोमांचक हो सकता है.’ Also Read - इंग्लैंड में टीम इंडिया को भुवनेश्वर कुमार जैसे स्विंग गेंदबाज की जरूरत: युवराज सिंह

बता दें एमएस धोनी (MS Dhoni) को दुनिया के बेहतरीन मैच फिनिशर्स में गिना जाता है. कुछ ऐसी ही बल्लेबाजी चाहर ने की थी. जब चाहर बैटिंग पर उतरे थे, तब 276 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम 160 रन पर अपने 6 विकेट गंवा चुकी थी. फिर चाहर ने पहले धैर्य के साथ पारी को आगे बढ़ाया और फिर गेंद पर नजरें जमाने के बाद तेजी से रन बनाकर टीम को जीत दिला दी, जिसके बल पर भारत वनडे सीरीज अपने नाम कर चुका है. Also Read - खिलाड़ियों का मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करना सकारात्मक चीज है: जेम्स एंडरसन

तीसरे वनडे से पहले वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए चाहर ने कहा, ‘मैं वही कर रहा था, जो धोनी ने मुझे सिखाया था- मैच को आखिरी ओवर तक खींचना था.’

आईपीएल में सीएसके के लिए धोनी की कप्तानी में खेलने वाले चाहर ने कहा कि वह T20 वर्ल्ड कप के बारे में नहीं सोच रहे हैं. लेकिन बल्ले से खुद को साबित करने की उन्हें खुशी है.

उन्होंने कहा, ‘T20 वर्ल्ड कप अभी काफी दूर है. मेरा लक्ष्य यही है कि जब भी मौका मिले, मैं खुद को साबित करूं. चाहे बल्ले से या गेंद से. चयन मेरे हाथ में नहीं है. मेरा काम प्रदर्शन करना है.’