न्यूजीलैंड के खिलाफ कानपुर टेस्ट में बेहद साधारण बॉलिंग करते दिखे इशांत शर्मा (Ishant Sharma) की फॉर्म से भारतीय फैन्स और क्रिकेट के जानकार चिंतित हैं. लेकिन भारतीय टीम का कोचिंग स्टाफ इससे ज्यादा परेशान नहीं है. टीम इंडिया के नए बॉलिंग कोच पारस म्हाम्ब्रे (Paras Mhambrey) ने कहा कि इस सीनियर तेज गेंदबाज ने इंग्लैंड दौरे के बाद से ज्यादा क्रिकेट नहीं खेली है इसका असर उनकी फॉर्म पर पड़ा है. वह कुछ टेस्ट मैच खेलने के बाद फिर से लय हासिल कर लेंगे.Also Read - IND vs SA: साउथ अफ्रीका के खिलाफ इन 7 बड़ी वजहों से हारा भारत, दूसरे मैच में नहीं दोहराएगा ये गलतियां

मौजूदा भारतीय टीम में 100 टेस्ट खेल चुके एकमात्र खिलाड़ी इशांत इंग्लैंड दौरे पर नाकाम रहे और न्यूजीलैंड के खिलाफ कानपुर में पहले टेस्ट में भी एक भी विकेट नहीं ले सके. म्हाम्ब्रे ने कहा, ‘इशांत ने लंबे समय से ज्यादा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है. वह आईपीएल नहीं खेलते और ना ही टी20 वर्ल्ड कप खेला. इतने लंबे ब्रेक का असर पड़ा है.’ Also Read - IND vs SA: Virat Kohli ने तोड़ा Sachin Tendulkar का रिकॉर्ड, विदेशों में सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय

इशांत ने पिछले चार टेस्ट में 109.2 ओवर डालकर सिर्फ 8 विकेट लिए हैं. आईपीएल के दूसरे चरण में उन्हें दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने का मौका नहीं मिला. उन्हें टी20 वर्ल्ड कप के लिए भी नहीं चुना गया था. Also Read - 'लंबे समय तक कप्तान रहने के बाद सिर्फ एक खिलाड़ी के रूप में खेलना विराट कोहली के लिए आसान नहीं होगा'

म्हाम्ब्रे ने कहा, ‘हम उनकी लय पर काम कर रहे हैं और हमें इसकी जानकारी है. मुझे यकीन है कि कुछ मैचों के बाद वह लय हासिल कर लेंगे.’ तीन सौ से अधिक टेस्ट विकेट ले चुके इशांत का काम विरोधी टीम के विकेट लेना ही नहीं बल्कि मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) और प्रसिद्ध कृष्णा (Prasidh Krishna) जैसे युवा तेज गेंदबाजों का मार्गदर्शन करना भी है.

म्हाम्ब्रे ने कहा, ‘उनके पास अपार अनुभव है और ड्रेसिंग रूम में उसके होने से काफी फर्क पड़ता है. युवा तेज गेंदबाज उनसे तेज गेंदबाजी की बारीकियां सीख सकते हैं. इससे काफी मदद मिलेगी.’

उन्होंने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि मुंबई में वानखेड़े स्टेडियम की पिच से मिलने वाली उछाल और बारिश के मौसम की नमी से मिलने वाली स्विंग के कारण क्या मोहम्मद सिराज को मौका दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि कानपुर की सपाट पिच पर उमेश यादव (Umesh Yadav) के प्रदर्शन से वह खुश हैं.

उन्होंने कहा, ‘दूसरी पारी में उमेश के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं. उन्होंने एक स्पैल में केन विलियमसन को काफी परेशान किया. उनका यह खास प्रदर्शन था और उन्होंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की.’

भारतीय गेंदबाजों के पास न्यूजीलैंड की आखिरी जोड़ी रचिन रविंद्र और ऐजाज पटेल को तोड़ने के लिये 52 गेंद थीं लेकिन वे कामयाब नहीं हुए. म्हाम्ब्रे ने उनका बचाव करते हुए कहा कि किसी और पिच पर थोड़ा और उछाल रहता तो आखिरी घंटे में सिली प्वाइंट और फॉरवर्ड शॉर्ट लेग अहम हो जाते जहां यह सिर्फ एक गेंद की बात होती .

उन्होंने कहा, ‘हम जीत नहीं सके लेकिन पिछले मैच में बहुत कुछ सकारात्मक रहा. उस पिच पर 19 विकेट लेना आसान नहीं था.’