भारतीय टेस्ट टीम में बतौर ऑलराउंडर अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित कर रहे युवा खिलाड़ी शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) ने अपनी बल्लेबाजी में झलके विश्वास का श्रेय पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) को दिया है. इस ऑलराउंडर ने कहा कि धोनी ने उन्हें कुछ समय पहले सलाह दी थी कि मैं अपने बल्ले की ग्रिप थोड़ी नीचे से पकड़ू, जिससे मेरे शॉट्स पर नियंत्रण रहेगा.Also Read - IND vs PAK: बाबर आजम ने मैच के बाद लिए धोनी से टिप्‍स, पाक खिलाड़ी भी हुए शामिल

इंग्लैंड दौरे पर कमाल की बैटिंग दिखाने वाले शार्दुल ने कहा कि धोनी की सलाह के बाद उन्होंने ऐसा ही किया और उनकी बैटिंग में और सुधार दिखने लगा. शार्दुल ने अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में यह बात कही. उन्होंने कहा कि अपनी ग्रिप में चेंज लाने के बाद उन्होंने टीम मैनेजमेंट के साथ थ्रो डाउन का अभ्यास भी खूब किया था. थ्रो डाउन विशेषज्ञ रघु और नुवान ने उन्हें अतिरिक्त अभ्यास कराए, जिससे वह अपनी बल्लेबाजी में सुधार कर सकें. Also Read - IND vs PAK मैच में विराट कोहली-बाबर आजम मुकाबले पर होगी फैंस की नजरें; जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

इस 29 वर्षीय ऑलराउंडर ने कहा कि धोनी ने उन्हें ग्रिप नीचे से पकड़ने की सलाह इसलिए दी थी, ताकि वह अपने शॉट्स पर नियंत्रण रख सकें. उन्होंने इस सलाह को याद करते हुए बताया, ‘एक बार मैं माही भाई के कमरे में था. उन्होंने मुझसे कहा कि मैं बल्ला बहुत ऊपर से पकड़ता हूं मुझे बैट को थोड़ा नीचे से पकड़ना चाहिए ताकि शॉट पर बेहतर नियंत्रण बन पाए. अब मैं अपना बल्ला वहीं पकड़ता हूं और इससे मुझे मदद मिलती है. Also Read - कोहली के लिए विश्व कप जीतना अहम, फर्क नहीं पड़ता कि वो कप्तान के रूप में विजेता बनता है या खिलाड़ी के तौर पर: उथप्पा

इस ऑलराउंडर ने कहा, ‘निचले क्रम के बल्लेबाज का योगदान हमेशा मदद करता है और जब 40-50 रन टीम के लिए बनाते हैं तो वह अंतर लाता है. जब मैंने भारतीय टीम में वापसी की तो मैंने अपने थ्रो-डाउन विशेषज्ञ रघु और नुवान के साथ अभ्यास किया, उनकी गंदें काफी तेज आती थीं, जिससे मुझे काफी मदद मिली है.

शार्दुल ने कहा, भारतीय टीम प्रबंधन के लोग मुझ पर भरोसा जताते हैं. कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) को भी मेरे उपर भरोसा है साथ ही रोहित शर्मा (Rohit Sharma) भी लगातार मुझे प्रेरित करते हैं. उन सभी ने कहा कि जब भी मैं बल्लेबाजी करता हूं तो मुझे एक बल्लेबाज की तरह सोचना चाहिए.

शार्दुल ने कहा कि ब्रिस्बेन में खेले गए पारी के चलते ही उन्होंने टीम प्रबंधन का अतिरिक्त ध्यान आकर्षित किया है. उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि मैं बल्लेबाजी कर सकता हूं. यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि मैं उन 22 गज के बीच कैसे प्रदर्शन करता हूं. मैं उन स्थानों को चुनता हूं जहां मैं स्कोर कर सकता हूं. ब्रिस्बेन में उन रनों के बाद, यह स्पष्ट था जिसका असर ड्रेसिंग रूम पर पड़ा है. उसी से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है. अब मुझे नेट्स पर नियमित रूप से बल्लेबाजी करने का मौका मिलता है, जिससे पता चलता है कि टीम प्रबंधन का मुझ पर भरोसा है.’

उन्हें विश्वास है कि जब भी मैं खेलूंगा मैं बल्ले से भी योगदान दूंगा. ठाकुर ने कहा कि बल्लेबाजी के दौरान चीजों को सरल रखने के इरादे से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है.

(इनपुट: आईएएनएस)