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Harbhajan Singh बोले- MS Dhoni से नहीं कोई शिकायत, BCCI ने किया अन्याय

Harbhajan Singh के एक हालिया बयान के बाद अर्थ निकाला जा रहा था कि उनके और MS Dhoni के बीच मनमुटाव है. लेकिन भज्जी ने इससे इनकार किया है.

Published: January 31, 2022 6:04 PM IST

By India.com Hindi Sports Desk | Edited by Arun Kumar

Harbhajan Singh बोले- MS Dhoni से नहीं कोई शिकायत, BCCI ने किया अन्याय
हरभजन सिंह और एमएस धोनी @AFP

भारत के दिग्गज स्पिनरों में एक हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने भारतीय टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) के साथ अपने रिश्तों को लेकर बयान दिया है. भज्जी ने कहा कि उनके और धोनी के बीच में कुछ भी मनमुटाव जैसा नहीं है. लोग उनकी बातों को जोड़-तोड़ कर पेश करते हैं. उन्होंने अपने साथ हुए अन्याय के लिए धोनी को नहीं बल्कि बीसीसीआई और सिलेक्शन कमेटी को जिम्मदार कहा है.

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2011 वर्ल्ड कप के विजेता हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) इस खिताबी जीत के बाद भारतीय टीम में बहुत सीमित अवसरों पर ही दिखाई दिए. उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्हें पता चला था कि वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की स्कीम ऑफ थिंग्स का हिस्सा नहीं हैं. इससे उन्हें दुख हुआ था.

भज्जी आखिरी बार साल 2016 में भारतीय टीम का हिस्सा बने थे. यहां उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था और इसके बाद उन्हें भारतीय टीम से ड्रॉप कर दिया गया और फिर वह कभी टीम इंडिया में वापसी नहीं कर पाए.

41 वर्षीय हरभजन ने पिछले महीने ही इंटरनेशनल क्रिकेट से अपने संन्यास का ऐलान किया है. इसके बाद भज्जी ने एक बयान दिया कि ‘सरकार’ ने उनके संघर्ष के दिनों में उनका साथ नहीं दिया. सोशल मीडिया पर लोगों ने इसका यह मतलब निकाला कि भज्जी भारत के तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) पर निशाना साध रहे हैं.

इसके बाद भज्जी ने न्यूज 18 पर खुलकर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा कि लोगों ने उनके स्टेटमेंट का गलत अर्थ निकाला. वह धोनी पर कोई निशाना नहीं साध रहे थे.

न्यूज 18 से बात करते हुए इस पूर्व स्पिनर ने कहा, ‘नहीं, बिल्कुल भी नहीं. मुझे एमएस धोनी से कोई शिकवा नहीं है. सच यह है कि वह तो इन सालों में अच्छे दोस्त रहे. मुझे बीसीसीआई से शिकायत है. उस समय की सरकार (बीसीसीआई मैनेजमेंट) से. मैं बीसीसीआई को सरकार बोलता हूं. उस समय के सिलेक्टर्स ने अपने काम के साथ न्याय नहीं किया. उन्होंने कभी टीम को एकजुट नहीं होने दिया.’ इस पूर्व दिग्गज ने कहा कि आप अतीत में झांककर देखिए. 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सभी खिलाड़ी दोबारा एक साथ नहीं खेल पाए.

उन्होंने कहा, ‘देखिए, हर कोई मेरे बयानों को अलग ढंग से पेश करता है. मैं बस इतना बताना चाहता था कि 2012 के बाद कई चीजें बेहतर हो सकती थीं. (वीरेंद्र) सहवाग, मैं, युवराज (सिंह), (गौतम) गंभीर हम सब भारतीय टीम में खेलकर रिटायर हो सकते थे. क्योंकि सभी उस समय आईपीएल खेल रहे थे और एक्टिव थे. यह अजीब है कि 2011 वर्ल्ड चैंपियन टीम के खिलाड़ी दोबारा एक साथ नहीं खेल पाए. आखिर क्यों. उनमें से सिर्फ कुछ ही खिलाड़ियों को 2015 वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिला.’

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Published Date: January 31, 2022 6:04 PM IST