विराट कोहली (Virat Kohli) टी20 विश्व कप के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के इस सबसे छोटे फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर चुके हैं. विराट कोहली ने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी दी थी, जिसने सभी फैंस को हैरान कर दिया. एक रिपोर्ट के मुताबिक खुद हेड कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने कोहली को सफेद गेंद की कप्तानी छोड़ने की सलाह दी थी. यहां तक कि उन्होंने ना सिर्फ टी20, बल्कि वनडे फॉर्मेट से भी ऐसा करने को कहा था. कोच का मानना था कि विराट कोहली कप्तानी छोड़कर अपनी बल्लेबाजी पर फोकस करें.Also Read - T20 World Cup 2021: न्यूजीलैंड के हारने से भारत को मिली सेमीफाइनल की संजीवनी, जानें समीकरण

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया, “कोहली की कप्तानी के बारे में बात तब शुरू हुई जब भारत ने अपने नियमित कप्तान के बिना ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीती थी. अब यह भी संकेत देता है कि कोहली को 2023 से पहले किसी समय एकदिवसीय कप्तानी छोड़नी पड़ सकती है यदि चीजें योजना के अनुसार नहीं होती हैं.” Also Read - PAK vs NZ, Highlights, T20 World Cup 2021: हैरिस राउफ के 4 विकेट हॉल के बाद रिजवान-मलिक की शानदार बल्‍लेबाजी से जीता पाकिस्‍तान

उन्होने कहा, “शास्त्री ने लगभग छह महीने पहले कोहली से बात की थी. लेकिन कोहली ने शास्त्री की बात नहीं मानी. वह अभी भी वनडे मैचों में भारत का नेतृत्व करने के इच्छुक हैं और इसीलिए उन्होंने केवल टी20 से कप्तानी छोड़ने का फैसला किया. यहां तक कि बोर्ड भी इस बात पर चर्चा कर रहा था कि कोहली को एक बल्लेबाज के रूप में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके पास अभी भी एक खिलाड़ी के रूप में बहुत कुछ बचा है.” Also Read - IND vs PAK: सौरव गांगुली ने उजागर की विराट एंड कंपनी की सबसे बड़ी कमजोरी, बोले-हमारे वक्‍त में मैं और वीरू...

बता दें कि विराट कोहली ने कप्तानी छोड़ने का ऐलान करते हुए नोट में लिखा था, “मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूं कि मुझे सिर्फ भारत का प्रतिनिधित्व ही नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम को लीड करने का मौका भी मिला. जिन्होंने कप्तान के रूप में मेरे सफर में मेरा साथ दिया, खिलाड़ी, सहायक स्टाफ, चयन समिति, मेरे कोच और हर भारतीय का मैं धन्यवाद करता हूं जो हमारी जीत के लिए प्रार्थना करते हैं.”

उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं कि वर्कलोड काफी जरूरी होता है और ये मेरे साथ पिछले आठ-नौ महीने से था. तीनों प्रारूप में खेलना और लगातार पांच-छह वर्षो से कप्तानी करना, मुझे लगता है कि मुझे खुद को टेस्ट और वनडे में टीम की कमान संभालने के लिए खुद को स्पेस देना होगा. टी20 के कप्तान के तौर पर मैंने टीम को सबकुछ दिया. मैं आगे भी एक बल्लेबाज के तौर पर ऐसा करता रहूंगा.”