टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने एक बार फिर 18 साल पुराने उस किस्से का जिक्र छेड़ दिया है, जब भारत के कार्यवाहक कप्तान राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने मास्टर ब्लास्टर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को दोहरा शतक पूरा करने का मौका नहीं दिया था और उन्होंने तब पारी घोषित की घोषणा कर दी, जब तेंदुलकर 194 पर नाबाद खेल रहे थे. युवराज ने कहा कि सचिन के 200 पूरे होने के बाद पारी घोषित की जा सकती थी.
29 मार्च 2004 को टेस्ट के दूसरे दिन वीरेंद्र सहवाग टेस्ट क्रिकेट में 309 रनों की तूफानी पारी खेल तिहरा शतक बनाने वाले पहले भारतीय बने थे. लेकिन उस समय के कप्तान और भारत के वर्तमान मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने 161.5 ओवर में 675/5 पर पहली पारी घोषित करने का फैसला किया. अपना दोहरा शतक पूरा करने का मौका न मिलने के बारे में तेंदुलकर ने अपनी आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माई वे’ में भी इसके बारे में लिखा था.
उन्होंने कहा, ‘हमें बीच में एक संदेश मिला कि हमें तेजी से खेलना है और हम घोषित करने जा रहे थे. हम एक और ओवर में छह रन बना सकते थे और उसके बाद हमने 8-10 ओवर फेंके थे. मुझे नहीं लगता कि और दो ओवर खेलने से टेस्ट मैच में फर्क पड़ता.’
युवराज ने कहा, ‘अगर यह तीसरा या चौथा दिन होता, तो आपको टीम को पहले रखना होता और जब आप 150 रन पर होते तो भी वे घोषित कर सकते थे. लेकिन यह अलग प्रकार से निर्णय लिया गया था. मुझे लगता है कि सचिन के 200 रनों के बाद पारी घोषित की जा सकती थी.’
उस मैच में 59 रन पर आउट होने वाले अंतिम खिलाड़ी रहे युवराज ने लाहौर में अगले टेस्ट में शतक बनाया. लेकिन उनके टेस्ट करियर ने उनकी सफेद गेंद की यात्रा की शानदार ऊंचाइयों को कभी नहीं छुआ. उन्होंने 40 टेस्ट में 33.92 की औसत से 1900 रन बनाए. युवराज को लगता है कि दिग्गजों से भरी टेस्ट टीम में लगातार रन बनाना मुश्किल हो गया था, क्योंकि उन्हें प्लेइंग इलेवन में एक निश्चित स्थान नहीं मिला था.
2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले युवराज को लगा कि भारत के लिए 100 टेस्ट खेलना उनकी किस्मत में नहीं था. उन्होंने कहा, ‘आखिरकार, जब मुझे दादा (सौरभ गांगुली) के संन्यास के बाद टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिला, तो मुझे कैंसर जैसी बीमारी हो गई, जो की मेरे लिए दुर्भाग्य रहा. मैं 100 टेस्ट मैच खेलना चाहता था, उन तेज गेंदबाजों का सामना करना और दो दिनों तक बल्लेबाजी करना चाहता था. मैंने टेस्ट को सब कुछ दिया, लेकिन यह होना नहीं था.’
(इनपुट: एजेंसी)
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Sports Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.