विराट कोहली (Virat Kohli) ने ऐलान कर दिया है कि वह टी20 विश्व कप (ICC T20 World Cup 2021) के बाद इस फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ देंगे. विराट कोहली ने ट्विटर पर एक इमोशनल मैसेज लिखते हुए इस बात की घोषणा की है. 16 सितंबर को विराट कोहली ने ट्वीट के जरिए बयान जारी किया, “मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूं कि मुझे सिर्फ भारत का प्रतिनिधित्व ही नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम को लीड करने का मौका भी मिला, जिन्होंने कप्तान के रूप में मेरे सफर में मेरा साथ दिया, खिलाड़ी, सहायक स्टाफ, चयन समिति, मेरे कोच और हर भारतीय का मैं धन्यवाद करता हूं जो हमारी जीत के लिए प्रार्थना करते हैं.”Also Read - IND vs PAK T20 World Cup 2021: पाकिस्‍तान की बड़ी जीत पर इमरान खान ने बधाई, इस अंदाज में मनाया जश्‍न

विराट कोहली ने आगे लिखा, “मैं समझता हूं कि वर्कलोड काफी जरूरी होता है और ये मेरे साथ पिछले आठ-नौ महीने से था. तीनों प्रारूप में खेलना और लगातार पांच-छह वर्षो से कप्तानी करना, मुझे लगता है कि मुझे खुद को टेस्ट और वनडे में टीम की कमान संभालने के लिए खुद को स्पेस देना होगा. टी20 के कप्तान के तौर पर मैंने टीम को सबकुछ दिया. मैं आगे भी एक बल्लेबाज के तौर पर ऐसा करता रहूंगा.” Also Read - Highlights IND vs PAK, T20 World Cup 2021: पाकिस्‍तान ने भारत को दी पहली बार टी20 विश्‍व कप में मात, 10 विकेट से हारा भारत

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भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) के मुताबिक विराट कोहली को यह कदम उठाने से पहले बीसीसीआई और सेलेक्टर्स से बात करनी चाहिए थी. 1983 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान कपिल ने एबीपी न्यूज से कहा, “इन दिनों क्रिकेटरों को खुद से फैसले लेते देखना थोड़ा हैरान करने वाला है. मुझे लगता है कि एक खिलाड़ी को इस तरह के फैसले लेने से पहले चयनकर्ताओं और बोर्ड से बात करनी चाहिए. मुझे थोड़ा अजीब लग रहा है क्योंकि वह एक महान कप्तान और खिलाड़ी हैं. कोहली एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं और मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं.”

कपिल ने कहा कि सभी को कोहली की ईमानदारी का पूरा सम्मान करना चाहिए. उन्होंने साथ ही कहा कि वह यह समझने में विफल रहे कि कोहली ने बोर्ड से सलाह क्यों नहीं ली.

कपिल देव ने कहा, “मुझे लगता है कि हमें कोहली के इस फैसले के बारे में उनकी ईमानदारी का सम्मान करना चाहिए कि वह अब कप्तान नहीं रहना चाहते. महेंद्र सिंह धोनी ने भी ऐसा ही किया था. हालांकि, एक बोर्ड आमतौर पर एक खिलाड़ी को बताता है कि क्या करना है लेकिन आजकल खिलाड़ी अपना निर्णय खुद लेते हैं, मैं इसे समझने में विफल रहता हूं.”