टी20 विश्व कप से पहले ही विराट कोहली (Virat Kohli) अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के इस सबसे छोटे फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर चुके थे. वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक रहा. भारतीय टीम सुपर-12 से आगे नहीं बढ़ सकी. जब विराट कोहली ने बतौर कप्तान भारत के लिए अंतिम टी20 मैच खेला, तो शायद उन्हें इस बात का इल्म भी नहीं था कि कैप्टन के तौर पर यह उनका अंतिम विश्व कप (टी20 और वनडे) होगा.Also Read - BCCI की नई कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट होगी जारी, क्या Ajinkya Rahane और Cheteshwar Pujara बचा पाएंगे अपना ग्रेड

विराट कोहली को साल 2017 में वनडे कप्तान नियुक्त किया गया था. महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने अपने नेतृत्व में रन-मशीन कोहली को तैयार किया और वक्त आने पर इस दिग्गज खिलाड़ी को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंप दी. Also Read - IND vs SA, दूसरे वनडे में मिडल ऑर्डर बैटिंग नहीं बॉलिंग में यह बदलाव करे टीम इंडिया: Dinesh Karthik का सुझाव

टी20 विश्व कप में शर्मनाक प्रदर्शन के बाद विराट कोहली से सीमित ओवरों की कप्तानी छिनना लगभग तय हो चुका था. बोर्ड अपने इस कप्तान को सम्मानजनक रास्ता देना चाहते था, लेकिन अपने हिसाब से चीजों को करने वाले कोहली इसके लिए तैयार नहीं दिखे. Also Read - Virat Kohli की प्रेस कॉन्फ्रेंस से खुश नहीं थे Sourav Ganguly, देना चाहते थे 'कारण बताओ' नोटिस, लेकिन...

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने 48 घंटों तक इंतजार किया, लेकिन विराट कोहली ने स्वेच्छा से वनडे कप्तानी नहीं छोड़ी. 49वें घंटे रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को यह जिम्मेदारी सौंप दी गई. जब रोहित शर्मा को सफेद गेंद के दोनों फॉर्मेट की जिम्मेदारी सौंपने की घोषणा की गई, तो कोहली की बर्खास्तगी को लेकर बोर्ड ने कुछ भी जिक्र नहीं किया.

बतौर कप्तान विराट कोहली का प्रदर्शन

फॉर्मेट मैच जीत हार टाई बेनतीजा
वनडे 95 65 27 1 2
टी20 50 30 16 2 2

विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने 95 वनडे मैच खेले, जिसमें 65 जीते और 27 मुकाबले गंवाए. बात अगर 50 टी20 मैचों की करें, तो 30 मुकाबले भारत के पक्ष में रहे, जबकि 16 में उसे हार का सामना करना पड़ा. विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम एक भी विश्व कप अपने नाम नहीं कर सकी.

विराट कोहली जैसा ही वक्त खुद बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने भी देखा है. साल 2005 में सौरव गांगुली से भी जबरन कप्तानी छीनी गई थी, जिसके पीछे उन्होंने ना सिर्फ तत्कालीन कोच ग्रेग चैपल, बल्कि पूरे सिस्टम को जिम्मेदार बताया था.

साल 2003 में सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम विश्व कप के फाइनल तक पहुंची, लेकिन 2005 में खराब प्रदर्शन के बाद उन पर गाज गिर गई. ग्रेग चैपल ने बीसीसीआई को गांगुली की शिकायत भरा एक ई-मेल भेजा, जो बाद में लीक भी हो गया.

कप्तान के तौर पर सौरव गांगुली का प्रदर्शन

फॉर्मेट मैच जीत हार ड्रॉ बेनतीजा/टाई
वनडे 146 76 65 5
टेस्ट 49 21 13 15 2

साल 2005 में कप्तानी छिनने के बाद गांगुली को टीम से ड्रॉ तक किया गया. सितंबर 2005 के बाद सौरव गांगुली को जनवरी 2007 में वनडे मैच खेलने का मौका मिला, जिसमें उन्होने 98 रन ठोके. साल 2007 में सौरव गांगुली ने 32 वनडे मैच खेले, जिसमें 12 अर्धशतक जड़कर आलोचकों के मुंह बंद कर दिए.