नई दिल्ली. अगर मैच से एक घंटे पहले किसी खिलाड़ी को 2 सल की जेल की सजा सुनाई जाए. इतना ही नहीं उस सजा के बाद उस पर करोड़ों रुपये का जुर्माना भी ठोक दिया जाए, तो क्या होगा. क्या होगा घंटे भर बाद मुकाबला खेलने की स्थिति में होगा. शायद नहीं. लेकिन, पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर और मौजूदा वक्त के बेहतरीन फुटबॉलरों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने सिर्फ मुकाबला खेलकर ही नहीं बल्कि उस मुकाबले में अपनी टीम के असली नायक बनकर भी दिखाया है. पुर्तगाल फुटबॉल की पहचान रोनाल्डो ने अपनी मजबूत डिफेंस के लिए दुनिया भर में जानी जाने वाली स्पेन की टीम के खिलाफ अकेले ही एक के बाद एक 3 गोल दागे और मुकाबले को ड्रॉ कराने में सफल रहे. Also Read - रोनाल्डो बने 'प्लेयर ऑफ द सेंचुरी' तो गर्लफ्रेंड ने करा लिया बिकिनी शूट, 140 करोड़ के प्राइवेट यॉट पर की मस्ती

टैक्स चोरी में हुई जेल! Also Read - करियर का 758वां गोल दाग Cristiano Ronaldo ने Pele को पीछे छोड़ा, निशाने पर अब इस दिग्गज का रिकॉर्ड

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने ये कमाल किया कैसे वो बताएंगे आपको लेकिन उससे पहले जरा ये जान लीजिए कि रोनाल्डो को 2 साल की जेल की सजा और उसके साथ-साथ करोड़ों रुपये का जुर्माना कब, कहां, क्यों और कैसे लगा. दरअसल, रोनाल्डो को ये सजा और उनपर जुर्माना लगाने वाला देश वहीं था जिसके खिलाफ उन्होंने 3 गोल दागे. फीफा वर्ल्ड कप में स्पेन और पुर्तगाल के मुकाबले से शुरू होने से पहले ये खबर आई कि रोनाल्डो को 2 साल के लिए निलंबित जेल और करीब 148 करोड़ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है. स्पेन ने रोनाल्डो को ये सजा टैक्स चोरी मामले में सुनाई थी. पिछले साल स्पेन के टैक्स अधिकारियों ने रोनाल्डो पर 17.3 मिलियन डॉलर्स (118 करोड़ रुपए) के टैक्स चोरी का आरोप लगाया था. रोनाल्डो पर ये आरोप 2011 से 2014 के दौरान रियाल मैड्रिड के लिए खेलते हुए जानबूझकर अपने आय स्रोतों को छिपाने की वजह से लगाए गए थे, जिसके बादउन पर टैक्स चोरी से जुड़े चार मामले दर्ज किए गए थे. इन्हीं मामलों में क्रिस्टियानो रोनाल्डो को सजा सुनाई गई थी. Also Read - FIFA Best Men's Player Award (IN PICS): लियोनल मेसी-Cristiano Ronaldo का टूटा वर्चस्व, Robert Lewandowski पहली बार बने फीफा के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर

अब जेल नहीं जाना पड़ेगा

हालांकि, सजा के बाद रोनाल्डो ने स्पेन के टैक्स अधिकारियों के साथ डील कर ली. यही नहीं उन्होंने 2 साल की अपनी सजा भी मान ली, जिसके बाद उन्हें जेल जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी. ऐसा इसलिए क्योंकि स्पेन के कानून के मुताबिक, पहली बार दो साल या इससे कम सजा पाने वाला शख्स प्रोबेशन यानी कि जांच के दायरे में अपनी सजा काट सकता है.

कानूनी पचड़े के बाद करिश्माई खेल

मैच से ठीक पहले इस कानूनी पचड़े से उबरने के बाद रोनाल्डो जब मैदान पर उतरे तो उनके खेल पर इसका थोड़ा भी असर नहीं दिखा और मैच के चौथे मिनट में ही पेनाल्टी लेकर उन्होंने स्पेन के गोलपोस्ट पर पहला गोल दागा. इसके बाद पुर्तगाल के लिए दूसरा गोल उन्होंने स्पेनिश डिफेंस को भेदते हुए 44वें मिनट में किया. पहले हाफ में 2-1 से आगे दिख रही रोनाल्डो की पुर्तगाल दूसरे हाफ में जाकर पिछड़ गई और अपनी बढ़त को 2-3 से गंवा दिया. 90 मिनट के खेल में स्पेन 88वें मिनट तक पुर्तगालियों से आगे था. लेकिन, तभी रोनाल्डो ने फिर से अपनी महानता का सबूत देते हुए अपनी टीम के लिए एक और पेनाल्टी लिया और फ्री किक के जरिए करिश्माई गोल दागकर पुर्तगाल को स्पेन के बराबर ला खड़ा किया.

 

स्पेन के खिलाफ हैट्रिक जमा बनाया रिकॉर्ड

ये इस मैच में क्रिस्टियानो रोनाल्डो का लगातार तीसरा गोल था. वर्ल्ड कप के इतिहास में ये पहली बार था जब स्पेन के खिलाफ किसी खिलाड़ी ने गोलों की हैट्रिक जमाई थी और उसे दागने वाले थे क्रिस्टियानो रोनाल्डो.