जगरेब। फुटबॉल विश्व कप फाइनल हारने के बाद स्वदेश लौटी क्रोएशियाई टीम का नायकों की तरह स्वागत किया गया और खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उमड़े थे. राजधानी के बीच बने चौक पर एक लाख से अधिक लोग जमा थे . कप्तान और विश्व कप गोल्डन बॉल विजेता लुका मोडरिच की अगुवाई में खिलाड़ियों का खुली बस में जुलूस निकाला गया.

सड़कों पर जमा थे हजारों लोग

लोगों ने हाथ में राष्ट्रध्वज और बैनर थाम रखे थे. एक बैनर पर लिखा था, हमें यही क्रोएशिया पसंद है. हम जनसंख्या में कम है लेकिन काफी हैं. कई लोग तो काम छोड़कर सड़कों पर जमा थे . टीम का विमान उतरने पर लोकप्रिय गीत ‘प्ले ऑन माय क्रोएशिया, वेन आय सी यू माय हार्ट इज ऑन फायर’ गूंज उठा.

फ्रांस ने जीता फाइनल

फाइनल मैच में क्रोएशिया को फ्रांस के हाथों हार मिली. ये पहला मौका था जब क्रोएशिया फीफा के फाइनल में पहुंचा. ये देश मात्र 40 लाख जनसंख्या वाला है लेकिन लगन और मेहनत ने इसे फुटबॉल की महाशक्ति बना दिया है. फ्रांस ने क्रोएशिया को फाइनल में हराकर दूसरी बार खिताब जीता. इससे पहले फ्रांस 1988 में विश्व चैंपियन बन चुका है.

फ्रांस की टीम को मिलेगा सम्मान

वहीं, फ्रांस के विश्व कप विजेता खिलाड़ियों को ‘लीजन आफ ऑनर’ सम्मान प्रदान किया जाएगा. राष्ट्रपति एमैन्युअल मैकरोन के कार्यालय ने यह ऐलान किया. अभी समारोह की तारीख तय नहीं की गई है. यह देश के लिए असाधारण सेवा के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है.

फ्रांस ने जब 1998 में विश्व कप जीता था, तब भी टीम को यह सम्मान दिया गया था. उस समय टीम के कप्तान रहे दिदियेर देसचैम्प्स को अब उच्चतर श्रेणी का सम्मान यानी लीजन नाइट दिया जाएगा. फ्रांस की टीम पेरिस रवाना हो चुकी है जिसकी विजय परेड चैम्प्स एलिसीस पर निकाली जाएगी.