कोरोना वायरस (Coronavirus) के खतरे को देखते हुए भारत सरकार द्वारा विदेशों से आने वाले लोगों पर आंशिक प्रतिबंध लगाने के बाद अब आईपीएल 2020 में विदेशी खिलाड़ियों का भारत आ पाना संभव नहीं है. 14 अप्रैल को प्रतिबंध हटने के बाद ही यह खिलाड़ी भारत में प्रवेश कर पाएंगे. आईपीएल गवर्निंग बॉडी की 14 मार्च को होने वाली मीटिंग में इसे लेकर कोई अंतिम निणर्य लिया जाना है. इसी बीच चेन्‍नई सुपर किंग (CSK) के सीईओ का बयान सामने आया है. Also Read - लॉकडाउन के दौरान 'गंभीर चूक', केंद्र ने दिल्ली सरकार के दो अधिकारियों को किया निलंबित

चेन्नई सुपर किंग्स  के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विश्वनाथन ने साफ कर दिया है कि भारत सरकार की ओर से वीजा को लेकर जारी निर्देश के बाद विदेशी खिलाड़ी अब 15 अप्रैल के बाद ही इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें संस्करण के लिए अपनी-अपनी टीमों से जुड़ सकते हैं. वे इससे पहले तभी जुड़ सकते हैं कि जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) उन खिलाड़ियों को विशेष अनुमति दिलवाए. (India vs South Africa, 1st ODI, Live Updates) Also Read - बोल्ड तस्वीरें देख मचल जाते हैं फैंस, कोरोना संकट के समय गरीबों में दूध बांट रही है ये एक्ट्रेस

विश्वनाथन ने न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि अधिकतर विदेशी खिलाड़ियों ने अपना बिजनेस वीजा बुक कर लिया था और ऐसी परिस्थितियों में सरकार ने बुधवार को नया निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि 15 अप्रैल तक उन्हें भारत आने की इजाजत नहीं दी जाएगी. Also Read - COVID-19: सीमा सील होने के बावजूद पैदल यात्रा जारी, घर जाने की लगी होड़

उन्होंने कहा, “अधिकतर खिलाड़ी बिजनेस वीजा के साथ आते हैं और वे आईपीएल में खेलते हैं इसलिए उनके लिए तब तक आईपीएल से जुड़ना असंभव है जब तक कि बीसीसीआई उन्हें विशेष अनुमति न दिलवाए. इसके बाद अब उनके लिए यहां आना मुश्किल है. हम सरकार के खिलाफ नहीं जा सकते हैं.”

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यह पूछे जाने पर कि अब सबसे अच्छा तरीका क्या हो सकता है, उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बीसीसीआई को सरकार के साथ बैठक करके इस पर बातचीत करना चाहिए. मुझे लगता है कि केंद्र और राज्य सरकारों को यह समझना चाहिए कि अब उन्हें आगे क्या करने की जरूरत है. जब तक खिलाड़ियों को बीसीसीआई से विशेष अनुमति नहीं मिलती, तब तक उनका (विदेशी खिलाड़ियों का) आईपीएल टीमों के साथ जुड़ना संभव नहीं है.”

बुधवार को हुई मंत्रियों की समूह की दूसरी बैठक में कारोनावायरस को देखते हुए सिवाय कुछ अधिकारी वर्गो के 15 अप्रैल तक के लिए सभी वीजा को रद्द कर दिया गया.