राष्ट्रमंडल खेलों की ‘नो नीडल पालिसी’ का उल्लंघन करने की वजह से खेलों से बाहर हुए दोनों भारतीय एथलीटों पर एएफआई भी जांच के बाद प्रतिबंध लगायेगा . रेसवाकर केटी इरफान और त्रिकूद खिलाड़ी वी राकेश बाबू को आज खेलों से बाहर करके स्वदेश लौटने को कहा गया क्योकि वे खेलगांव में उनके बेडरूम से सुइयां मिलने का कारण स्पष्ट नहीं कर सके .Also Read - 'वर्ल्ड चैलेंज कप' में दीपा करमाकर ने जीता गोल्ड मेडल, ऐसा करने वाली पहली भारतीय बनीं

दोनों ने पूछताछ के दौरान खूद को बेकसूर बताया लेकिन राष्ट्रमंडल खेल महासंघ अदालत ने उनकी दलील को अविश्वसनीय और कपटपूर्ण बताया . Also Read - डोप टेस्ट में फेल हुई संजीता चानू ने कहा- मैं निर्दोष हूं, निलंबन को चुनौती दूंगी

भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के सचिव सी के वाल्सन ने कहा ,‘‘ एएफआई भी उन्हें सजा देगा . यह हमारे लिये शर्मिंदगी की बात है . खेल पूरे होने के बाद मामले की जांच की जायेगी और एक समिति का गठन किया जायेगा .’’ Also Read - Haryana government to give Rs 1.5 crore to CWG gold winners from state | CWG 2018: गोल्ड लाने वाले खिलाड़ियों को डेढ़ करोड़ देगी हरियाणा सरकार

वाल्सन ने कहा कि खिलाड़ियों का कहना है कि वे बेकसूर हैं और उन्होंने पटियाला में खेलों के लिये रवाना होने से पहले शायद अपने बैग अच्छी तरह से चेक नहीं किये थे .

उन्होंने कहा ,‘‘ खिलाड़ियों का कहना है कि गलती से सुई उनके बैग में रह गई जब उन्होंने खेलों के लिये रवाना होने से पहले पैकिंग की थी . यहां आने पर बैग में सुई मिलने के बाद उन्होंने उसे कप में रख दिया क्योंकि उसे फेंका नहीं जा सकता .’’

उन्होंने कहा ,‘‘ हम जांच करेंगे कि इन दावों में कितनी सच्चाई है.’’

वाल्सन ने कहा ,‘‘ डोपिंग का कोई मसला नहीं है .दोनों के टेस्ट निगेटिव थे . लेकिन यह गलती तो है ही क्योंकि भारतीय खिलाड़ियों को बार बार इसके बारे में जानकारी दी गई थी . वे खेलगांव से चले गए हैं और जल्दी ही भारत रवाना होंगे .’’

(इनपुट पीटीआई)