नई दिल्ली.क्रिकेट में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की अपार सफलता के बाद देश में बैडमिंटन, हॉकी, रेसलिंग, फुटबॉल और कबड्डी जैसे खेलों में कई लीगों की शुरुआत हुई. इसी कड़ी में 25 से 29 नवंबर तक जयपुर के राजस्थान पोलो क्लब ग्राउंड (Rajasthan Polo Club) में भारतीय साइकिल पोलो महासंघ (Cycle Polo Federation of India) की देखरेख में साइकिल पोलो लीग Cycle Polo League (CPL) की शुरुआत हो रही है.

वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप : सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूकीं दुती चंद

इस लीग को लेकर भारतीय खिलाड़ी काफी उत्साहित हैं. इस लीग की आईपीएल, बैडमिंटन, हॉकी, कबड्डी या रेसलिंग की लीग से तुलना करना शायद ज्यादती होगी. लेकिन 5 टीमों के इस टूर्नामेंट को लेकर आयोजक और भारतीय टीम के कप्तान  बेहद उत्साहित हैं.

40 भारतीय और 10 विदेशी खिलाड़ी करेंगे शिरकत

इस लीग में देश के 40 (Indian players) और विदेश के 10 (foreign players) इंटरनेशनल खिलाड़ी हिस्सा लेंगे जिन्हें 10-10 के ग्रुप में बांटा जाएगा. इस तरह लीग में कुल 5 टीमें हिस्सा लेंगी. लीग का उद्देश्य खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करना है. हर टीम में खिलाड़ियों के ए और बी वर्गों से शीर्ष दो-दो खिलाड़ियों को रखा जाएगा ताकि टीमों में एक समान स्तर सुनिश्चित हो सके.

साढ़े सात मिनट के 4 चक्कर होंगे

लीग में मैच साढ़े सात मिनट के चार चक्कर (4 Chukkers of 7:30 minutes each) के होंगे. लीग में हर मैच के बाद विजेता टीम, टॉप स्कोरर, बेहतरीन गोल स्कोरर और मैन ऑफ द मैच खिलाड़ी को नगद पुरस्कार दिया जाएगा.

विजेता टीम को 2 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा

लीग की विजेता टीम को दो लाख रुपये (prize money of INR 2, 00,000) और उपविजेता टीम को एक लाख रुपये (runner’s up prize money of INR 1, 00,000) का पुरस्कार दिया जाएगा. इसके अलावा अन्य वर्गों में विजेता टीम को 20 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा।

‘खिलाड़ियों को आर्थिक सुविधा देने के साथ इसकी लोकप्रियता को बढ़ाना है’

‘इस प्रतियोगिता का मकसद इस खेल के खिलाड़ियों को आर्थिक सुविधा देने के साथ इसकी लोकप्रियता को बढ़ना है क्योंकि यह बेहद ही सस्ता खेल है.‘इस खेल के लिए गेंद के आलावा सिर्फ सामान्य साइकिल और पोलो स्टिक की जरूरत है जिसकी कीमत कम होती है.’-रघुवेन्द्र सिंह डुंडलोद, अध्यक्ष, भारतीय साइकिल पोलो महासंघ

‘माही भाई के आउट होने के बाद मैं अपनेे आंसू नहीं रोक पा रहा था’

‘खिलाड़ियों के लिए छाप छोड़ने का बेहतरीन मौका’

‘टीम के सभी खिलाड़ी इस लीग के शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. मुझे लगता है कि लीग के आयोजन से इस खेल को देश में बढ़ावा मिलेगा। विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलने से हमें काफी फायदा होगा। हमें उनसे काफी कुछ सीखने को मिलेगा.’-असरुद्दीन शा, कप्तान, भारतीय साइकिल पोलो टीम

5 बार की वर्ल्ड चैंपियन है भारतीय टीम

इंटरनेशनल बाइसिकल पोलो महासंघ ने अब तब 12 विश्व कप (World Cycle Polo Championships) आयोजित किए हैं. भारतीय टीम 7 विश्व में हिस्सा ले चुकी है. वर्ल्ड कप में भारत 5 बार चैंपियन (Cycle Polo World Championships) रह चुका है जबकि दो बार उसने ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं.

1908 के ओलंपिक में प्रदर्शनी मैच खेला जा चुका है

साइकिल पोलो की शुरुआत 1891 में आयरलैंड में हुई थी और 1908 के ओलम्पिक में इसका प्रदर्शनी मैच भी रखा गया था. भारत में साइकिल पोलो की उत्पति हॉर्स पोलो से हुई थी। भारतीय साइकिल पोलो महासंघ की स्थापना 1966 में की गई थी। इस वर्ष 13वीं विश्व साइकिल पोलो प्रतियोगिता का आयोजन 10-14 दिसंबर तक अर्जेंटीना में होगा जिसमें भारतीय टीम भी हिस्सा लेगी।