आई-लीग क्लब रीयल कश्मीर फुटबॉल से हाल में जुड़ने वाले गोलकीपर मिथुन सामंत का घर हाल में आए अम्फान तूफान में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. अम्फान तूफान ने 20 मई को राज्य में भारी तबाही मचाई थी. इस तूफान की वजह से सामंत अपने घर और खेतों का बचाव नहीं कर पाए और अब आलम यह है कि उनके पास रहने छत तक नहीं है. Also Read - ATK-मोहन बागान के सह मालिक सौरव गांगुली डायरेक्टर के रूप में नामित

दक्षिण 24 परगना के बुदाखली गांव के रहने वाले 27 वर्षीय सामंत के घर की छत आधी रह गई है और वह जर्जर अवस्था में है. मिट्टी की उसकी दीवारें टूट गई हैं. परिवार के एकमात्र कमाई करने वाले सामंत अब इस विपदा से उबरने की कोशिशों में लगे हैं. Also Read - Cyclone Nisarga: अम्फान के बाद निसर्ग तूफान की दस्तक, अरब सागर में गतिविधियां हो रहीं तेज

सामंत ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘चक्रवात अम्फान ने हमारी जिंदगी बर्बाद कर दी. मिट्टी से बना हमारा घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. हमारे सिर के ऊपर छत नहीं है और दो दीवारें गिर गई हैं. एक अन्य दीवार टूटने की स्थिति में है. हमारी खेती भी बर्बाद हो गई है.’ Also Read - अम्फान प्रभावितों की मदद को आगे आया KKR, किया इस नेक काम का वादा

मुरी गंगा नदी उनके घर से केवल 600 किमी की दूरी पर है और वह उनके लिए खतरा बनी हुई जो चक्रवात से किसी तरह से बच गए हैं.

उन्होंने दावा किया, ‘हर दिन सूर्यास्त से पहले मैं मुरी गंगा नदी के तट पर जाकर देखता हूं कि उसमें पानी का स्तर कितना है और वह अपने घर से कितनी दूर रह गई है. जिस तेजी से नदी अपने किनारों को काट रही है उसे देखते हुए हमें जल्द ही रहने के लिए नई जगह ढूंढनी पड़ सकती है.’

‘3 साल पहले पेशेवर फुटबॉल खेलनी शुरू की थी’

सामंत ने तीन साल पहले ही पेशेवर फुटबॉल खेलनी शुरू की थी. उन्होंने कहा कि वह जितनी भी कमाई करते हैं वह परिवार पालने में ही खर्च हो जाते हैं जबकि उनके पिता सुपारी की खेती करते हैं.

‘सारी कमाई पारिवारिक खर्चों में खत्म हो गई’

पूर्व में मोहन बागान की तरफ से खेलने वाले सामंत ने कहा, ‘लोग पूछ सकते हैं कि मैंने पर्याप्त बचत क्यों नहीं की. मैं केवल तीन साल से खेल रहा हूं और मैंने जितनी भी कमाई की वह परिवारिक खर्चों में समाप्त हो गई. मुझे यह कहते हुए शर्म आ रही है लेकिन मेरे पास अपना घर बनाने या खेती फिर से शुरू करने के लिए पैसे नहीं हैं.’

पिछले दो सप्ताह से इस परिवार की नींद उड़ी हुई है. इस गोलकीपर ने कहा कि वे टूटी छत और दीवारों को ढकने के लिये तिरपाल और प्लास्टिक शीट का उपयोग कर रहे हैं.

’13 दिन से बिजली नहीं आई है’

उन्होंने कहा, ‘तेरह दिन हो गए लेकिन अभी तक हमारे क्षेत्र में फिर से बिजली नहीं आ पाई है.’ सामंत ने 20 मई की घटना को याद करते हुए कहा, ‘हम बाल-बाल बचे. छत टूट गई और कुछ देर बाद कमरों में पानी भर गया. हम पास में ही अपने रिश्तेदार के घर चले गए. हमारी किस्मत अच्छी थी जो किसी को चोट नहीं लगी.’

शिल्टन पॉल ने दिया मदद का आश्वासन 

इस फुटबॉलर से पूछा गया कि क्या उन्होंने किसी से मदद के लिए कहा है तो उन्होंने बताया कि मोहन बागान के उनके पूर्व साथी शिल्टन पॉल हाल में उनके पास आए थे और उन्होंने मदद का आश्वासन दिया है.

उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी तरफ से हर तरह से कोशिश कर रहा हूं. शिल्टन दा पिछले सप्ताह आए थे और मेरे घर की तस्वीरें लेकर चले गये. उन्होंने मदद का वादा किया है.’

खेल मंत्री ने जल्द संपर्क करने का दिया आश्वासन 

पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास को मिथुन की वित्तीय स्थिति के बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि वह जल्द ही उनसे संपर्क करने की कोशिश करेंगे.

बिस्वास ने कहा, ‘चक्रवात अम्फान से प्रभावित सभी खिलाड़ियों को हमारी सरकार से मदद मिली है. कोई भूखा नहीं रहेगा. हम मिथुन की मदद करेंगे.’