चेन्नई: डी. गुकेश मंगलवार को दुनिया के दूसरे और भारत के सबसे युवा शतरंज ग्रैंड मास्टर बन गए. डॉक्‍टर माता-पिता के बेटे और सातवीं क्लास में पढ़ने वाले गुकेश बॉबी फिशर और विश्‍वनाथन आनंद को अपना आदर्श मानते हैं.

वेलाम्मल विद्यालय में पढ़ने वाले गुकेश ने कहा, “मैं इस बात से खुश हूं. 2019 में मेरा लक्ष्य अपने रेटिंग अंकों को 2,650 तक पहुंचाना है जो अभी 2,510 है.” गुकेश ने अपने पसंदीदा खिलाड़ी के बारे में कहा, ‘मेरे पसंदीदा खिलाड़ी बॉबी फिशर और विश्वनाथ आनंद हैं और मेरी पहली ओपनिंग सफेद मोहरों के साथ खेलते हुए रेइटी है.’ गुकेश ने इस उपलब्धि का अपने कोच और अभिभावकों को श्रेय देते हुए कहा है कि वे वर्ल्‍ड चैंपियन बनना चाहते हैं.

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दुनिया के सबसे युवा ग्रैंड मास्टर का रिकॉर्ड यूक्रेन के सर्जिय कारजाकिन के नाम है. उन्होंने 12 साल सात महीने की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी. गुकेश के माता-पिता पेशे से डॉक्टर हैं. उनके पिता का नाम डी. रजनीकांत है और माता का नाम जे. पद्मा कुमारी है. रजनीकांत ने कहा, “वह भारत में होने वाले सभी ग्रैंड मास्टर टूर्नामेंट में खेलता है, लेकिन विदेशी टूर्नामेंट में खेलना काफी महंगा होता है. हमने इसके लिए फंड जुटाने के लिए जमीन बेच कर पैसे जुटाए हैं.”

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स्पॉन्‍सर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “स्थानीय कंपनी मिक्रोसेंस अभी स्पॉन्‍सर है. इसी तरह वेलाम्माल विद्यालय के एम.वी.एम वेलमोहन ने भी उसे समर्थन दिया है. ओएनजीसी ने भी स्कॉलरशिप दी है.”