पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानेश कनेरिया ने उमर अकमल का बैन आधा करने के पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के फैसले को उसके दोहरे मानदंडों का सबूत बताया। अकमल पर सटोरियों के संपर्क की जानकारी नहीं देने के कारण निलंबन लगाया गया था। कनेरिया पर भी स्पॉट फिक्सिंग मामले में अपना आजीवन बैन लगा है। Also Read - इमरान खान के बचाव में आए मदन लाल, बोले- मियांदाद का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है

कनेरिया की तरह स्पॉट फिक्सिंग के दोषी पाए गए मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आसिफ और सलमान बट को वापसी का मौका मिल गया। आमिर मौजूदा पाकिस्तानी टीम के नियमित सदस्य हैं और हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए इंग्लैंड रवाना हुए हैं। Also Read - Eng vs Pak: पूर्व दिग्गज ने कहा- शॉट खेलने से डर रहे हैं पाकिस्तानी बल्लेबाज

कनेरिया ने पीटीआई से कहा, ‘‘आप इसे भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टालरेंस नीति कहते हैं। उमर दोषी साबित हुआ था लेकिन उसका बैन आधा कर दिया गया। आमिर, आसिफ, सलमान को भी वापसी का मौका मिला, मुझे क्यो नहीं।’’ Also Read - हिंदुओं पर अत्याचार: नेपाल के लोगों ने पकिस्तानी दूतावास के सामने किया विरोध प्रदर्शन

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे मामले में ऐसी उदारता क्यो नहीं दिखाई गई। वो कहते हैं कि मैं अपने मजहब (हिंदू) की बात करता हूं लेकिन जब पक्षपात सामने दिखता है तो मैं कहा कहूं। उमर अपने करियर में अधिकांश समय विवादों से घिरा रहा है। उसके लिए हमदर्दी है तो मेरे लिए क्यों नहीं। क्या उसने ऐसा करने के लिए किसी को रिश्वत दी थी।’’

कनेरिया ने कहा, ‘‘वो कहते हैं कि मैं धर्म का कार्ड खेलता हूं। आप मुझे बताइए कि मेरे बाद कौन सा हिंदू क्रिकेटर पाकिस्तान के लिए खेला है। उन्हें इतने साल में एक भी हिंदू खिलाड़ी खेलने लायक नहीं लगा। ये विश्वास करना मुश्किल है।’’