आज के दौर में क्रिकेटर्स टी-20 खेलने को लेकर ज्यादा उत्साहित रहते हैं. कई खिलाड़ियों ने क्रिकेट के इस छोटे फॉर्मेट में खेलने के लिए नेशनल टीम तक को भी छोड़ दिया है. वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान डेरेन गंगा का मानना है कि कम मेहनत में दस गुना अधिक कमाई करने के मौके के कारण ही विश्व भर के क्रिकेटर टी20 विशेषज्ञ के रूप में अपना करियर बना रहे हैं. Also Read - BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली ने T20 क्रिकेट को लेकर दिया बयान, बोले-यदि मैं भी खेल रहा होता तो करना पड़ता ये काम

पिछले दशक में टी20 क्रिकेट की लोकप्रियता के कारण युवा क्रिकेटर टी20 विशेषज्ञ के तौर पर अपना करियर संवार रहे हैं और गंगा ने कहा कि यह हैरान करने वाला नहीं है. Also Read - टी20 फॉर्मेट में फिट होने के लिए अपने खेल में जरूरी बदलाव करता : सौरव गांगुली

गंगा ने विजडन एवं क्रिकविज के सर्वश्रेष्ठ टी20 पोडकॉस्ट के दौरान कहा, ‘यह मानव प्रवृति है कि अगर आपको दस गुना कम मेहनत करने पर दस गुना अधिक कमाई होती है तो आप यह फैसला पलक झपकाये बिना कर दोगे.’ Also Read - गौतम गंभीर ने कहा- सफल टी20 कोच बनने के लिए अनुभव की जरूरत नहीं

उन्होंने कहा, ‘वेस्टइंडीज ही नहीं दुनिया भर के अधिकतर क्रिकेटरों की स्थिति ऐसी है.’

वेस्टइंडीज की ओर से से 48 टेस्ट, 35 वनडे और केवल एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले गंगा ने कहा कि विश्व भर में टी20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता के कारण क्रिकेटर अपने देश का प्रतिनिधित्व किए बिना भी विभिन्न टी20 लीग में खेलकर अच्छी जिंदगी जी रहे हैं.

बकौल गंगा, ‘टी20 क्रिकेट में आपको पता होता है कि यह आपकी राष्ट्रीय टीम के लिये टी20 अंतरराष्ट्रीय खेलने तक ही सीमित नहीं है. खिलाड़ियों के पास कई तरह के अवसर हैं. ऐसे खिलाड़ी जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाते वे दुनिया भर में टी20 फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं में खेलकर आजीविका चला रहे हैं.’