पूर्व वेस्टइंडीज कप्तान डेरेन सैमी (Darren Sammy) का कहना है कि अगर आईसीसी और बाकी देशों के क्रिकेट बोर्ड नस्लवाद के खिलाफ आवाज नहीं उठाते हैं तो उन्हें भी इस समस्या का हिस्सा माना जाएगा। सैमी ने मंगलवार को अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए ये बयान दिया। Also Read - नहीं होगा टी20 विश्व कप; इंग्लैंड दौरे की तैयारी में जुटी ऑस्ट्रेलिया टीम

सैमी ने ये बयान अफ्रीकी मूल के अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की अमेरिका में मौत के बाद दिया है। एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने उसकी गर्दन अपने घुटने से दबा दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद से अमेरिका में अश्वेत लोगों के खिलाफ हो रहे भेदभाव के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। Also Read - आज के दिन रोहित शर्मा बने थे विश्व कप में पांच शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज

सैमी ने ट्वीट किया, ‘‘ताजा वीडियो देखने के बाद इस समय अगर क्रिकेट जगत अश्वेतों पर हो रही नाइंसाफी के खिलाफ खड़ा नहीं होगा तो उसे भी इस समस्या का हिस्सा माना जाएगा।’’

सैमी ने कहा कि नस्लवाद सिर्फ अमेरिका में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में अश्वेतों को झेलना पड़ता है। उन्होंने सवाल दागा, ‘‘आईसीसी और बाकी सभी बोर्ड को क्या दिखता नहीं है कि मेरे जैसे लोगों के साथ क्या होता है। मेरे जैसे लोगों के साथ हो रही सामाजिक नाइंसाफी क्या नजर नहीं आती। ये सिर्फ अमेरिका में नहीं है। ये रोज होता है। अब चुप रहने का समय नहीं है। मैं आपकी आवाज सुनना चाहता हूं।’’

उन्होंन कहा, ‘‘लंबे समय से अश्वेत लोग सहन करते आए हैं। मैं सेंट लूसिया में हूं और मुझे जॉर्ज फ्लॉयड की मौत का दुख है। क्या आप भी बदलाव लाने के लिए अपना समर्थन देंगे। #BlackLivesMatter’’