मुंबई: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि पिता बनने के बाद क्रिकेटर के तौर पर उनमें कोई बदलाव आया है कि नहीं लेकिन बेटी जीवा के जन्म के बाद एक इंसान के तौर वह काफी बदल गए हैं. इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपरकिंग्स को चैम्पियन बनाने वाले 37 साल के इस दिग्गज ने कहा, ‘ मुझे नहीं पता कि इससे क्रिकेटर के तौर पर मुझ में कोई बदलाव आया है कि नहीं, एक व्यक्ति के तौर पर जरूर बदलाव आया है क्योंकि बेटियां पिता के काफी करीब होती है.’

मेरे नाम से जीवा को डराया जाता था
उन्होंने कहा कि मेरे मामले में समस्या तब हुई थी जब जीवा का जन्म हुआ था और मैं वहां नहीं था (तीन साल पहले). मैं ज्यादा समय क्रिकेट खेलता था और वह जब भी गलती करती तो उसे मेरा नाम लेकर डराया जाता था. धोनी ने कहा, ‘ जीवा जब खाना नहीं खाती थी तो उसे कहा जाता था, पापा आ जायेंगे खाना खालो. वह कुछ गलती करती तो कहा जाता कि पापा आ जाएंगे ऐसा मत करो. इसलिए एक तरह से वह मुझे देखकर थोड़ा पीछे हट जाती थी.

आईपीएल में छाई रही जीवा
जीवा को इस साल आईपीएल के दौरान कई बार देखा गया कई मैचों के बाद वह धोनी के साथ पुरस्कार समारोहों का हिस्सा भी रही. धोनी ने स्टार स्पोर्टस के कार्यक्रम में कहा, ‘ मैने उसके साथ शानदार समय बिताया. वह पूरे आईपीएल के दौरान वहां थी और वह हमेशा मैदान में जाना चाहती थी, जो उसके लिए लॉन की तरह था. टीम में बहुत सारे बच्चे थे. धोनी ने मजाकिया लहजे में कहा, ‘ मुझे यह नहीं पता कि वह क्रिकेट को कितना समझ पाती है लेकिन मुझे उसे किसी दिन मैच के बाद होने वाले पुरस्कार समारोह में उसे ले जाना होगा और वह सभी सवालों का जवाब देगी.

करते थे रोइंग अभ्यास
अपने खुद की दिनचर्या के बारे में बताया कि वह आईपीएल के दौरान रोइंग अभ्यास करते थे. धोनी ने कहा कि एक बार टूर्नामेंट (आईपीएल) शुरू होने के बाद मैं जिम नहीं जाता था. मैंने अभी रोइंग किया है और चेन्नई में मेरे कमरे में रोइंग मशीन थी, मैं उठता था, अपना नाश्ते का ऑडर करता था और नाश्ते आने से पहले मैं रोइंग शुरू कर देता था.