नई दिल्ली. होबार्ट में आज ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच 3 वनडे मैचों की सीरीज का निर्णायक मुकाबला है. इस मुकाबले में जीत का मतलब है खिताब पर कब्जा. टॉस ऑस्ट्रेलिया ने जीता और पहले साउथ अफ्रीका को बल्लेबाजी पर उतारा. कंगारू टीम जिस शुरुआत की आस लगाए थी वो भी उसे मिली. लेकिन उसके बाद शुरू हुआ साउथ अफ्रीका की D कंपनी का खेल, जिसने मैच में आसान दिख रही ऑस्ट्रेलिया की राह को मुश्किल बना दिया है.

‘D-कंपनी’ का कमाल

सबसे पहले ये जानिए कि साउथ अफ्रीका की D कंपनी आखिर है कौन. तो होबार्ट वनडे में इस D कंपनी के दो अहम किरदार रहे साउथ अफ्रीकी कप्तान डूप्लेसिस और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज डेविड मिलर. डूप्लेसिस और डेविड मिलर ने सही वक्त पर मैदान फतह करते हुए मुकाबले में धमाकेदार शतक जड़ा और ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर धकेलते हुए मैच में अपनी टीम की पकड़ को मजबूत कर दिया.

डूप्लेसिस-डेविड का शतक

कप्तान डूप्लेसिस ने 109.64 की स्ट्राइक रेट से 114 गेंदों का सामना करते हुए 125 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. ये डूप्लेसिस के वनडे करियर का 9वां शतक है. वहीं डेविड मिलर ने 108 गेंदों का सामना किया और 128.70 की स्ट्राइक रेट से 139 रन बनाए. डेविड मिलर के शतकीय प्रहार में 13 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. ये मिलर के वनडे करियर का 5वां शतक हैं. दोनों प्रोटियाज बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट के लिए 252 रन की साझेदारी हुई, जिसकी बदौलत साउथ अफ्रीका 50 ओवर में 320 रन का टोटल खड़ा करने में कामयाब रहा.

रिकॉर्डतोड़ साझेदारी

डूप्लेसिस और डेविड के बीच 252 रन की साझेदारी वनडे क्रिकेट में चौथे विकेट के लिए हुई तीसरी बड़ी साझेदारी है. इस मामले में इन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ही रिकी पॉन्टिंग और एंड्यू साइमंड्स के बीच साल 2006 में हुई 237 रन की साझेदारी का रिकॉर्ड तोड़ा है. वनडे क्रिकेट में चौथे विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी के पहले दो रिकॉर्ड भारत के नाम है. 1998 में अजहर और जडेजा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ चौथे विकेट के लिए 276 रन जोड़े थे. जबकि, 2016 में युवराज और धोनी के बीच कटक वनडे में 256 रन की साझेदारी की थी.