कोरोना वायरस महामारी के दुनिया भर में फैलने के बाद क्रिकेट जगत में गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। समीक्षक मानते हैं कि मौजूदा हालातों के नियंत्रण में आने के बाद भी ऐसा करना सुरक्षित नहीं होगा और इसे बदले जाने की जरूरत है। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर (David Warner) को नहीं लगता कि गेंद पर लार के इस्तेमाल को बदलने की जरूरत है। Also Read - Coronavirus In World Update: पूरी दुनिया कोरोना के खौफ में, अमेरिका में मौत का आंकड़ा 1 लाख के करीब, जानें बड़े देशों का हाल

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया वेबसाइट से बातचीत में वार्नर ने कहा, ‘‘आप ड्रेसिंग रूम साझा कर रहे हो और इसके अलावा भी आप सब चीजें साझा करते हो तो मुझे नहीं लगता कि इसे (गेंद पर लार के इस्तेमाल) बदलने की जरूरत क्यों है। ये सब सालों से चल रहा है, मुझे याद नहीं कि ऐसा करने से कोई बीमार हुआ हो। अगर आपको संक्रमित होना है तो मुझे नहीं लगता कि जरूरी नहीं कि ये सिर्फ इसी से हो।’’ Also Read - लॉकडाउन को फेल बताने पर राहुल गांधी पर बीजेपी का पलटवार: झूठ नहीं फैलाएं, दुनिया के आंकड़े देखें

गौरतलब है कि कई पूर्व खिलाड़ी गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल को सही बता रहे हैं। जिसनें वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज एलेन डोनाल्ड और पूर्व पाकिस्तानी गेंदबाज वकार यूनिस शामिल हैं। Also Read - बढ़ते लॉकडाउन और कोरोना के प्रभाव से परेशान हो गए हैं रणवीर सिंह, बोले- तबाह कर देने जैसा है

वार्नर ने कहा, ‘‘मैं हालांकि इसे लेकर ज्यादा सुनिश्चित भी नहीं हूं लेकिन यह टिप्पणी करना मेरा काम नहीं है कि गेंद को चमकाने के लिये लार का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं। यह आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) और संचालन संस्थाओं का काम है कि वे फैसला करें।’’

हालांकि पूर्व तेज गेंदबाज शॉन टैट मानते हैं कि बदलाव को स्वीकार करना अहम है और थूक का इस्तेमाल पुरानी बात हो सकती है। टैट ने कहा, ‘‘मैं गेंद पर लार लगाने के हक में नहीं हूं, ये अच्छा नहीं है। हमें संभावित बदलावों को स्वीकार करना चाहिए।’’